नई दिल्ली: ऑनलाइन सामान मंगाने के बाद खराब उत्पाद मिलने पर रिफंड लेना बेंगलुरु की 56 वर्षीय महिला को भारी पड़ गया। Blinkit से मंगाई गई खराब दही का पैकेट लौटाने के लिए उन्होंने गूगल पर कस्टमर केयर नंबर तलाशा। लेकिन कथित हेल्पलाइन पर संपर्क करना उनके लिए मुसीबत बन गया। शिकायत के मुताबिक, एक लिंक पर दही की तस्वीर अपलोड करने और Google Pay चेक करने के कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से 98,000 रुपये निकल गए। यह पूरी घटना महज एक मिनट के भीतर हुई।
पुलिस के मुताबिक, महिला बेंगलुरु के वसंतनगर स्थित पैलेस रोड इलाके की रहने वाली हैं। उन्होंने 17 अक्टूबर को क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit से कुछ सामान मंगाया था। डिलीवरी मिलने पर दही का पैकेट खराब निकला। इसके बाद उन्होंने कंपनी से संपर्क कर रिफंड पाने की कोशिश की, लेकिन ऑनलाइन कस्टमर केयर नंबर खोजना उनके लिए साइबर ठगी का रास्ता बन गया।
गूगल पर नंबर खोजते ही साइबर ठगों के जाल में फंसी महिला
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, महिला ने खराब दही लौटाने और पैसे वापस पाने के लिए गूगल पर Blinkit का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। इस दौरान उन्हें दो फोन नंबर मिले, जिनमें से एक पर उन्होंने कॉल कर दिया।
महिला को अंदाजा नहीं था कि जिस नंबर पर वह संपर्क कर रही हैं, वह कथित तौर पर साइबर ठगी से जुड़ा हो सकता है। फोन पर मौजूद व्यक्ति ने उनसे रिफंड की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कुछ निर्देशों का पालन करने को कहा।
व्हाट्सऐप पर भेजा लिंक, दही की फोटो अपलोड करने को कहा
शिकायत के मुताबिक, फोन करने वाले व्यक्ति ने महिला को व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजा और खराब दही के पैकेट की तस्वीर अपलोड करने के लिए कहा। महिला ने उसकी बात मानते हुए लिंक पर फोटो अपलोड कर दी।
इसके कुछ ही देर बाद एक दूसरे अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उसने महिला को बताया कि रिफंड की प्रक्रिया चल रही है और उनसे Google Pay ऐप चेक करने को कहा। महिला ने जैसे ही ऐप खोला, उनके बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से 98,000 रुपये कट गए।
पुलिस के अनुसार, बैंक खाते से पैसे निकलने की घटना दोपहर 3:15 बजे से 3:16 बजे के बीच हुई। यानी महिला को ठगी का एहसास होने से पहले ही महज एक मिनट में उनके खाते से बड़ी रकम निकल चुकी थी।
23 अक्टूबर को दर्ज कराई शिकायत, पुलिस कर रही जांच
ठगी का पता चलने के बाद महिला ने 23 अक्टूबर को बेंगलुरु के सेंट्रल साइबर इकोनॉमिक एंड नारकोटिक्स (CEN) पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धोखाधड़ी और किसी दूसरे की पहचान या प्रतिनिधि बनकर ठगी करने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान करने और कथित ठगी में इस्तेमाल किए गए फोन नंबरों तथा लिंक की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
खराब सामान के रिफंड के नाम पर पहले भी हो चुकी है ठगी
रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु में इस तरह का मामला पहले भी सामने आ चुका है। इसी साल मार्च में 65 वर्षीय एक महिला ने ऑनलाइन खरीदे गए खराब दूध को लौटाने और रिफंड पाने की कोशिश में 77,000 रुपये गंवा दिए थे।
ऐसे मामलों में ठग कथित कस्टमर केयर नंबरों के जरिए लोगों को निशाना बनाते हैं। वे रिफंड दिलाने के बहाने लिंक भेज सकते हैं या लोगों से पेमेंट ऐप खोलने के लिए कह सकते हैं। कंपनी से जल्द मदद पाने की कोशिश में लोग अनजान व्यक्तियों के निर्देशों का पालन कर बैठते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो सकता है।
रिफंड लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
ऑनलाइन खरीदे गए सामान में खराबी आने पर कस्टमर केयर नंबर खोजने के बजाय संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर उपलब्ध सहायता विकल्प का इस्तेमाल करें। सर्च इंजन पर दिखाई देने वाले हर नंबर को कंपनी का असली नंबर न मानें।
अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक पर बैंकिंग या भुगतान से जुड़ी जानकारी साझा करने से बचें। रिफंड पाने के नाम पर किसी के कहने पर UPI PIN, OTP या अन्य गोपनीय जानकारी न दें। यदि खाते से अनधिकृत रकम कट जाए, तो तुरंत अपने बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।