Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: तीर्थ स्थल पर मृत्यु होने से मिलता है मोक्ष या भुगतना पड़ता है कर्मों का फल? गरुड़ पुराण में बताए गए हैं ये पवित्र स्थान
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Latest News > तीर्थ स्थल पर मृत्यु होने से मिलता है मोक्ष या भुगतना पड़ता है कर्मों का फल? गरुड़ पुराण में बताए गए हैं ये पवित्र स्थान
Latest Newsधर्म

तीर्थ स्थल पर मृत्यु होने से मिलता है मोक्ष या भुगतना पड़ता है कर्मों का फल? गरुड़ पुराण में बताए गए हैं ये पवित्र स्थान

vineet verma
Last updated: November 3, 2026 9:47 am
vineet verma
Share
SHARE

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में पवित्र तीर्थ स्थलों पर देह त्यागने को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि काशी, अयोध्या और हरिद्वार जैसे धार्मिक नगरों में मृत्यु होने से आत्मा को मोक्ष मिल सकता है। लेकिन क्या केवल किसी तीर्थ स्थल पर प्राण त्याग देने से ही जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिल जाती है? गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु और गरुड़ के संवाद के माध्यम से इस विषय को समझाया गया है। इसमें बताया गया है कि मोक्ष की प्राप्ति में स्थान के साथ-साथ व्यक्ति के कर्म, भाव और उद्देश्य भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

Contents
गरुड़ पुराण में बताए गए हैं ये सात मोक्षदायिनी स्थानशालिग्राम शिला और तुलसी को क्यों माना गया है पवित्र?क्या केवल तीर्थ जाने से मिल जाता है पुण्य?इन पवित्र स्थानों पर मृत्यु से मिलता है स्वर्ग लोक का फलतीर्थ यात्रा के अलावा इन कर्मों को भी माना गया है कल्याणकारी

गरुड़ पुराण के अनुसार, गरुड़ जी ने भगवान विष्णु से पूछा था कि मनुष्य किन दान-पुण्य और तीर्थों के प्रभाव से मोक्ष प्राप्त कर सकता है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि ऐसे कौन से स्थान हैं, जहां देह त्यागने से जीव को दोबारा जन्म लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इस पर भगवान विष्णु ने कुछ विशेष तीर्थों का महत्व बताया।

गरुड़ पुराण में बताए गए हैं ये सात मोक्षदायिनी स्थान

धार्मिक मान्यता के अनुसार, पृथ्वी पर सात ऐसे पवित्र नगर हैं, जिन्हें मोक्षदायिनी माना गया है। मान्यता है कि इन स्थानों पर शरीर त्यागने वाले जीव को भगवान विष्णु के लोक की प्राप्ति होती है और उसे पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति मिल जाती है।

इन सात पवित्र स्थानों में शामिल हैं:

  • अयोध्या
  • मथुरा
  • हरिद्वार
  • काशी
  • कांची
  • अवंतिका यानी उज्जैन
  • द्वारका

इन नगरों को हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। यहां तीर्थ यात्रा, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

शालिग्राम शिला और तुलसी को क्यों माना गया है पवित्र?

गरुड़ पुराण में शालिग्राम शिला और द्वारवती शिला का भी विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक, जहां शालिग्राम या द्वारवती शिला विराजमान हो, वहां मृत्यु होने पर जीव को मुक्ति मिल सकती है।

इसी तरह तुलसी के पौधे को भी पवित्र माना गया है। पुराण के अनुसार, तुलसी का पौधा लगाना, उसकी सेवा करना, पूजा करना, उसे स्पर्श करना और उसकी महिमा का गुणगान करना पुण्यदायी है। इसे पापों के नाश से जोड़कर देखा गया है।

क्या केवल तीर्थ जाने से मिल जाता है पुण्य?

गरुड़ पुराण में इस सवाल को समझाने के लिए मछुआरों का उदाहरण दिया गया है। भगवान विष्णु बताते हैं कि कुछ मछुआरे रोज सुबह नर्मदा नदी के दर्शन करते थे, लेकिन उन्हें इसका वैसा आध्यात्मिक फल प्राप्त नहीं हुआ, जिसकी अपेक्षा की जाती है।

इसका कारण यह बताया गया कि मछुआरों का उद्देश्य नदी के प्रति भक्ति भाव रखना नहीं, बल्कि वहां मछली पकड़ना था। इस उदाहरण के जरिए यह संदेश दिया गया है कि केवल पवित्र स्थान पर पहुंचना ही पर्याप्त नहीं है। व्यक्ति के मन का भाव और उसके वहां जाने का उद्देश्य भी महत्वपूर्ण है।

इन पवित्र स्थानों पर मृत्यु से मिलता है स्वर्ग लोक का फल

गरुड़ पुराण में कुछ अन्य धार्मिक स्थलों का भी उल्लेख मिलता है, जहां मृत्यु होने पर जीव को स्वर्ग लोक की प्राप्ति होने की मान्यता है। हालांकि, इन स्थानों से मिलने वाला फल मोक्ष से अलग बताया गया है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसे जीव को लंबे समय तक स्वर्ग में रहने का अवसर मिलता है। लेकिन ब्रह्मा जी का एक दिन पूरा होने के बाद उसे फिर से पृथ्वी पर जन्म लेना पड़ता है।

इन स्थानों में शामिल हैं:

  • कुरुक्षेत्र
  • भृगुक्षेत्र
  • प्रभास क्षेत्र
  • श्रीशैल
  • आबू पर्वत
  • पुष्कर
  • शिवक्षेत्र

तीर्थ यात्रा के अलावा इन कर्मों को भी माना गया है कल्याणकारी

गरुड़ पुराण में मोक्ष और आत्मकल्याण के लिए केवल तीर्थ यात्रा को ही महत्वपूर्ण नहीं बताया गया है। इसमें दान, सेवा, दया और अच्छे कर्मों पर भी जोर दिया गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जरूरतमंद और गरीब ब्राह्मणों की सेवा करना, दान देना, गौशाला और जलाशय बनवाना, उद्यान तथा मंदिरों का निर्माण कराना पुण्यदायी कार्य हैं। इसके अलावा किसी अनाथ व्यक्ति का अंतिम संस्कार करना और जीवन में दान, ध्यान तथा दया का पालन करना भी कल्याणकारी माना गया है।

इस तरह गरुड़ पुराण में तीर्थ स्थलों की महिमा के साथ यह संदेश भी दिया गया है कि मनुष्य के कर्म और उसके भीतर का भाव आध्यात्मिक जीवन में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि, ये बातें धार्मिक मान्यताओं और पुराण में वर्णित कथाओं पर आधारित हैं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Garuda Purana, Moksha, अयोध्या, काशी में मृत्यु, गरुड़ पुराण, तीर्थ स्थल पर मृत्यु, तुलसी का महत्व, बैकुंठ लोक, मथुरा, मोक्ष की प्राप्ति, मोक्षदायिनी सात नगर, शालिग्राम शिला, स्वर्ग लोक, हरिद्वार
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article आधी रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात ‘मुरासु’, 120 KM की रफ्तार से चली हवाएं; लाखों लोगों को सुरक्षित निकालने की तैयारी
Next Article ‘हम जमीन से टकराने वाले हैं…’ फ्लोरिडा विमान हादसे से पहले 20 साल की को-पायलट की आखिरी चेतावनी, 1 मिनट में 27 हजार फीट नीचे गिरा जेट

फीचर

View More

Green Crackers क्या हैं? पारंपरिक पटाखों से कितने अलग, दिवाली पर सुप्रीम कोर्ट ने किन शर्तों के साथ दी मंजूरी?

नई दिल्ली: दिवाली पर पटाखे जलाने को लेकर दिल्ली-एनसीआर में इस बार सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त राहत दी है। अदालत…

By vineet verma 6 Min Read

नवंबर में जन्मे लोगों का स्वभाव क्यों होता है सबसे अलग? जानें उनकी खूबियां और कमजोरियां

क्या आपका या आपके किसी करीबी का जन्म नवंबर के महीने में…

5 Min Read

कभी इन दीवारों के पीछे कैदी काटते थे सजा, आज शाही ठाठ से ठहरते हैं मेहमान… जानिए दुनिया के इन 5 मशहूर जेल होटल के बारे में

नई दिल्ली: आमतौर पर जेल का नाम सुनते ही ऊंची दीवारें, लोहे…

6 Min Read

विचार

View More

‘हम खुद अपनी बर्बादी बना रहे हैं’, AI से डरा 10 साल का अनुभव रखने वाला इंजीनियर! अब कोडिंग छोड़ खेती करने का क्यों कर रहा है विचार?

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत ने अब…

October 27, 2026

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए,…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

You Might Also Like

Trending Newsधर्म

दिवाली की सफाई में कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये बड़ी भूल? जानिए वास्तु के अनुसार किस दिशा से शुरुआत न करने पर रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी

कार्तिक मास आते ही हर घर में दिवाली की भव्य तैयारियाँ और साफ-सफाई का दौर शुरू हो जाता है। 6…

5 Min Read
Latest Newsलाइफस्टाइल

दिवाली पर अपनों को क्या गिफ्ट दें? 650 रुपये से लेकर 30 हजार तक के ये टेक गैजेट्स हैं शानदार विकल्प

नई दिल्ली: दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस दौरान लोग नए कपड़े,…

6 Min Read
Trending Newsधर्म

दार्जिलिंग का अनोखा महाकाल मंदिर, जहां शिव के साथ होती है बुद्ध की भी पूजा; हिंदू-बौद्ध एकता की है मिसाल

दार्जिलिंग: पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग अपनी खूबसूरत पहाड़ियों, चाय के बागानों और मनमोहक नजारों के लिए दुनियाभर में मशहूर है।…

5 Min Read
EntertainmentLatest News

बहन के साथ गाती थीं फिल्मों में कोरस, आशा भोसले ने देव आनंद से मिलवाया; ऐसे चमकी पद्मिनी कोल्हापुरे की किस्मत

मुंबई: हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे ने बहुत छोटी उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रख दिया था।…

6 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?