तिरुपति: आंध्र प्रदेश के तिरुमाला स्थित प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए राज्य सरकार ने बीमा सुविधा शुरू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के मुताबिक, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के साथ मिलकर आधार से जुड़ी ऑनलाइन बीमा व्यवस्था शुरू करेगा। इसके तहत तिरुमाला में दर्शन के दौरान किसी श्रद्धालु की मौत होने पर उसके परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री नायडू ने मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों के साथ बैठक के बाद इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश-विदेश से हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु तिरुपति मंदिर पहुंचते हैं। नई व्यवस्था के जरिए दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बीमा सुरक्षा देने की तैयारी है।
दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को कैसे मिलेगा बीमा कवर?
मुख्यमंत्री के अनुसार, TTD और LIC के सहयोग से आधार आधारित ऑनलाइन बीमा सुविधा शुरू की जाएगी। इस व्यवस्था के तहत तिरुमाला में किसी श्रद्धालु की मौत होने की स्थिति में उसके परिवार को 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पहल के साथ वैकुंठम कतार परिसर-I में एक हीलिंग एक्सपीरियंस सेंटर भी स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान वेंकटेश्वर की महिमा, मंदिर के इतिहास और उससे जुड़े अन्य पहलुओं से परिचित कराना है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 32 इलेक्ट्रिक बसें शुरू
तिरुमाला आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 32 नई इलेक्ट्रिक बसें भी शुरू की गई हैं। इनमें रिलायंस फाउंडेशन की ओर से 25 ईवी बसें और भारत बायोटेक की ओर से 7 बसें TTD को दान में दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन नई बसों के शामिल होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध बसों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मंदिरों को आध्यात्मिकता के केंद्र के तौर पर विकसित करना है। इसी दिशा में राज्यभर में धार्मिक और सामाजिक विकास से जुड़ी कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
5 हजार श्रीवाणी मंदिर बनाने की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रीवाणी कार्यक्रम के तहत राज्यभर में 5,000 श्रीवाणी मंदिरों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही पहले से मौजूद मंदिरों के जीर्णोद्धार की भी योजना है। श्रीवाणी स्वयंसेवकों को इन मंदिरों से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
उनके मुताबिक, राज्यभर में करीब 12 लाख लोग श्रीवाणी सेवा स्वयंसेवकों के तौर पर पंजीकरण करा चुके हैं।
शिक्षा से लेकर रोजगार तक पर जोर
नायडू ने कहा कि TTD की ओर से संचालित शिक्षा व्यवस्था का पुनर्गठन किया जाएगा। इसमें छात्रों के कौशल विकास के साथ बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा।
इसके अलावा वृक्ष गोविंदम कार्यक्रम के तहत औषधीय पौधों की खेती और उनके संरक्षण के लिए पहल की जाएगी। सप्तगिरी से बहकर आने वाले पानी को संरक्षित करने और भूजल स्तर में सुधार के लिए भी उपाय किए जाने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ छह अन्य कार्यक्रमों के जरिए तिरुमाला के विकास की योजना भी तैयार की जा रही है।