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मां महीनों करती रही बेटियों का इंतजार, जेल में देखा तो पहचान भी नहीं पाई….ईरान से आई दर्दनाक कहानी

सोचिए, एक मां महीनों तक अपनी बेटियों की तलाश करती रहे और जब आखिरकार जेल में उनसे मिले, तो अपनी ही बेटियों को पहचान न पाए। ईरान से सामने आई जुड़वां बहनों तरानेह रहीमी और रोमिना रहीमी की कहानी कुछ ऐसी ही है। सरकार विरोधी प्रदर्शनों में कथित भूमिका के बाद दोनों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तरानेह को मौत की सजा सुनाई गई है, जबकि रोमिना को 25 साल जेल की सजा दी गई है। लेकिन इस मामले में सिर्फ सजा ही नहीं, बल्कि हिरासत के दौरान कथित प्रताड़ना के आरोपों ने भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप में 20 वर्षीय जुड़वां बहनों तरानेह रहीमी और रोमिना रहीमी को कड़ी सजा सुनाए जाने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनवरी 2026 में इस्फहान में हुए प्रदर्शनों में दोनों बहनों ने हिस्सा लिया था।

इसके करीब एक महीने बाद, फरवरी में नकाबपोश सुरक्षाकर्मियों ने कथित तौर पर उनके घर पर छापा मारा और दोनों को हिरासत में ले लिया। परिवार को कई महीनों तक उनकी स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी। बाद में पता चला कि दोनों इस्फहान की दौलताबाद जेल में बंद हैं।

इसके बाद अदालत से दोनों को कड़ी सजा सुनाई गई। तरानेह रहीमी को मौत की सजा, जबकि उनकी जुड़वां बहन रोमिना रहीमी को 25 साल जेल की सजा दी गई।

जेल में प्रताड़ना के आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स और पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, जब उनकी मां जेल में बेटियों से मिलने पहुंचीं, तो वह पहली नजर में उन्हें पहचान तक नहीं पाईं।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दोनों बहनों को कई हफ्तों तक अलग-अलग एकांत कारावास में रखा गया। परिवार और वकीलों ने हिरासत के दौरान उनके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना किए जाने के आरोप लगाए हैं।

वकीलों ने अदालत में यह भी आरोप लगाया कि तरानेह से कथित तौर पर जबरन कबूलनामा हासिल करने की कोशिश की गई और उस पर दबाव बनाने के लिए उसकी बहन रोमिना को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।

इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन अगर ये दावे सही साबित होते हैं, तो यह मामला मानवाधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

तरानेह और रोमिना की कहानी सिर्फ दो बहनों की कहानी नहीं है। यह उस परिवार की पीड़ा भी दिखाती है, जो महीनों तक अपनी बेटियों की खबर का इंतजार करता रहा। एक मां का अपनी बेटियों को पहचान न पाना इस मामले की सबसे दर्दनाक तस्वीरों में से एक है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि दोनों बहनों के साथ आगे क्या होता है।

news desk

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