राजपाल यादव केस की बड़ी बातें
- सजा बरकरार: दिल्ली हाई कोर्ट ने मशहूर अभिनेता राजपाल यादव को बड़ा झटका देते हुए चेक बाउंस के मामलों में उनकी निचली अदालत द्वारा दी गई सजा को यथावत रखा है।
- अंतिम प्रयास फेल: कोर्ट की लगातार कोशिशों और मध्यस्थता के बावजूद दोनों पक्षों के बीच समझौते (Settlement) की आखिरी कोशिशें पूरी तरह नाकाम रहीं।
- जस्टिस का फैसला: हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद 2 अप्रैल को ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज (10 जुलाई 2026) सुनाया गया।
अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले अभिनेता राजपाल यादव के लिए रीयल लाइफ की कानूनी जंग बेहद गंभीर मोड़ पर आ गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े मामलों में उनकी सजा के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए उन्हें कोई भी राहत देने से साफ इनकार कर दिया है।
इस केस का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट यह रहा कि हाई कोर्ट खुद इस मामले को आपसी समझौते से सुलझाना चाहता था। अदालत की तरफ से लगातार मौके दिए गए ताकि दोनों पक्ष बैठकर सेटलमेंट कर लें, लेकिन आखिरी वक्त पर समझौते की यह टेबल टॉक फेल हो गई।
2 अप्रैल को सुरक्षित हुआ था फैसला, आज आया आदेश
जब कोर्ट रूम में आउट-ऑफ़-कोर्ट सेटलमेंट की सारी उम्मीदें खत्म हो गईं, तो जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कानूनी नियमों के तहत आगे बढ़ते हुए 2 अप्रैल को ही इस पूरे मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। आज कोर्ट ने साफ कर दिया कि निचली अदालत द्वारा राजपाल यादव को दी गई सजा में कोई बदलाव या नरमी नहीं बरती जाएगी।