आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी
आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और डॉग बाइट की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने न केवल राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए, बल्कि कुत्तों को खिलाने वाले समूहों और डॉग फीडर्स की भूमिका पर भी गंभीर टिप्पणियां कीं।
सुप्रीम कोर्ट ने डॉग फीडर्स से सीधा सवाल पूछा “क्या आपकी भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए हैं, इंसानों के लिए नहीं?” कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या अदालत को आंखें मूंदकर लगातार हो रही मौतों और गंभीर चोटों को नजरअंदाज करना चाहिए। बेंच ने दो टूक कहा कि डॉग बाइट से होने वाली मौतों के लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है और यह तय किए बिना मामला यूं ही नहीं छोड़ा जा सकता।
हर डॉग बाइट पर तय होगी जवाबदेही
कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए कि भविष्य में कुत्तों के काटने से होने वाली हर चोट या मौत के लिए संबंधित अधिकारियों और कुत्ते पालने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी। बेंच ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि व्यवस्था में सहानुभूति सिर्फ कुत्तों के लिए दिखाई देती है, जबकि इंसानी जान की कीमत लगातार नजरअंदाज की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि आवारा कुत्तों को खुलेआम इधर-उधर घूमने और लोगों के लिए खतरा बनने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए। कोर्ट ने साफ कहा कि जब केंद्र और राज्य सरकारों का पक्ष सुना जाएगा, तब उनसे इस मुद्दे पर कड़े सवाल पूछे जाएंगे।
सुनवाई की तारीख बदली, कई सुझाव रखे गए
अदालत ने जानकारी दी कि पहले इस मामले की सुनवाई 15 जनवरी को तय थी, लेकिन याचिकाकर्ताओं के वकीलों के अनुरोध पर अब सुनवाई 20 जनवरी से की जाएगी। सुनवाई के दौरान एक वकील ने सुझाव दिया कि आवारा कुत्तों को गोद लेने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए उनकी ट्रैकिंग करने और अन्य वैकल्पिक उपायों पर भी विचार किया जा सकता है।
‘इंसानों के लिए ऐसे तर्क कभी नहीं सुने’ -जस्टिस संदीप मेहता
सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप मेहता की टिप्पणी ने पूरे कोर्टरूम को झकझोर दिया। उन्होंने कहा “मुझे 2011 में जज नियुक्त किया गया था, लेकिन मैंने इंसानों के लिए इतने भावुक तर्क कभी नहीं सुने।”उन्होंने सवाल किया कि अगर कोई आवारा कुत्ता किसी व्यक्ति पर हमला कर देता है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। जब जवाब में कहा गया कि स्वयंसेवी संस्थाओं पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है, तो जस्टिस मेहता ने स्पष्ट किया कि आवारा कुत्ता किसी के कब्जे में नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई पालतू जानवर रखना चाहता है, तो उसके लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होना चाहिए।
बांग्लादेश में चुनाव चल रहे हैं और गुरुवार को वोटिंग हो रही है। इस वोटिंग…
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर की नई फिल्म ‘सूबेदार’ का टीजर रिलीज हो गया…
नई दिल्ली: देशभर में 12 फरवरी 2026 (गुरुवार) को बैंक कर्मचारियों की बड़ी हड़ताल होने…
कानपुर के चर्चित “लैंबोर्गिनी कांड” में जांच आगे बढ़ने के साथ हर दिन नए सवाल…
बॉलीवुड और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री की क्वीन सिंगर जैस्मीन सैंडलस (Jasmine Sandlas) एक बार फिर…
नई दिल्ली। बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने…