Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: न भारी कढ़ाई, न चटख रंग, फिर भी क्यों खास है केरल की कसावु साड़ी? सुनहरी किनारी में छिपी है सदियों पुरानी कारीगरी
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Latest News > न भारी कढ़ाई, न चटख रंग, फिर भी क्यों खास है केरल की कसावु साड़ी? सुनहरी किनारी में छिपी है सदियों पुरानी कारीगरी
Latest Newsलाइफस्टाइल

न भारी कढ़ाई, न चटख रंग, फिर भी क्यों खास है केरल की कसावु साड़ी? सुनहरी किनारी में छिपी है सदियों पुरानी कारीगरी

vineet verma
Last updated: October 24, 2026 11:24 pm
vineet verma
Share
SHARE

नई दिल्ली: फैशन की दुनिया में जहां भारी कढ़ाई, चमकदार कपड़े और चटख रंग अक्सर आकर्षण का केंद्र बनते हैं, वहीं केरल की कसावु साड़ी अपनी सादगी से अलग पहचान रखती है। ऑफ व्हाइट या हल्के क्रीम रंग का सूती कपड़ा और उस पर चमकती सुनहरी किनारी इस पारंपरिक परिधान की सबसे बड़ी खासियत है। ओणम, विशु, शादी और दूसरे सांस्कृतिक आयोजनों में महिलाएं इसे खास तौर पर पहनना पसंद करती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना भारी सजावट वाली यह साड़ी आखिर इतनी खास क्यों मानी जाती है? इसकी खूबसूरती के पीछे केरल की पारंपरिक बुनाई, बारीक कारीगरी और सांस्कृतिक विरासत की लंबी कहानी है।

Contents
कसावु साड़ी की सुनहरी किनारी में छिपा है असली आकर्षणक्या है कसावु का अर्थ, कैसे तैयार होती है सुनहरी जरी?हवादार सूती कपड़ा और सुनहरी बॉर्डर, यही है कसावु की पहचानसिर्फ साड़ी नहीं, केरल की सांस्कृतिक पहचान भी है कसावुपारंपरिक अंदाज से लेकर मॉडर्न स्टाइल तक, हर रूप में खास है कसावु

कसावु साड़ी की सुनहरी किनारी में छिपा है असली आकर्षण

केरल के पारंपरिक कसावु कपड़ों को उनके हल्के रंग और सुनहरे बॉर्डर से आसानी से पहचाना जा सकता है। इनका आधार आमतौर पर सफेद, ऑफ व्हाइट या हल्के क्रीम रंग का होता है, जबकि किनारी पर सुनहरी सजावट की जाती है। यही मेल इस साड़ी को सादगी के साथ शाही अंदाज देता है।

फैशन कंसल्टेंट, ब्रांड एवं इमेज स्ट्रैटेजिस्ट और एनआईएफटी की पूर्व छात्रा स्नेहा यादव के मुताबिक, कसावु इस बात का उदाहरण है कि साधारण कपड़े और बारीकी से की गई बुनाई मिलकर किस तरह एक सदाबहार पारंपरिक परिधान तैयार कर सकते हैं।

इस साड़ी की खूबसूरती केवल उसके रंगों में नहीं, बल्कि धागों के चयन, बुनाई की तकनीक और सुनहरी चमक वाली किनारी को तैयार करने में लगे कौशल में भी छिपी है।

क्या है कसावु का अर्थ, कैसे तैयार होती है सुनहरी जरी?

कसावु की पहचान उसकी सुनहरी किनारी से जुड़ी है। पारंपरिक रूप से इस किनारी को तैयार करने में धातु के महीन धागों का इस्तेमाल किया जाता था। पहले सोने की परत चढ़ी चांदी की तारों से जरी बनाई जाती थी, जिन्हें बेहद सावधानी से कपड़े में बुना जाता था। साड़ी के बॉर्डर के साथ पल्लू पर भी सजावटी डिजाइन तैयार किए जाते थे।

इस तरह की बुनाई में हथकरघे पर काम करने वाले कारीगरों की कुशलता और सटीकता बेहद महत्वपूर्ण होती है। धागों को सही तरीके से बुनने से ही किनारी में वह खास चमक और सुंदरता आती है, जो कसावु को दूसरी साड़ियों से अलग बनाती है।

हालांकि, आज बाजार में मिलने वाली सभी कसावु साड़ियों में पारंपरिक धातु वाली जरी का इस्तेमाल नहीं होता। कुछ प्रकारों में दूसरी धातुओं और कृत्रिम सामग्रियों का भी उपयोग किया जाता है। इसलिए असली पारंपरिक जरी और उससे मिलती-जुलती सजावटी किनारी के बीच अंतर समझना जरूरी है।

हवादार सूती कपड़ा और सुनहरी बॉर्डर, यही है कसावु की पहचान

कसावु साड़ी की सबसे बड़ी खूबी इसकी सादगी और पहनने में सहजता है। इसका सूती कपड़ा हल्का और हवादार होता है, जो केरल जैसे गर्म और आर्द्र मौसम के अनुकूल माना जाता है। दूसरी ओर, सुनहरी किनारी इसे खास अवसरों के लिए आकर्षक बनाती है।

स्नेहा यादव के अनुसार, हल्के रंग के कपड़े और सुनहरी किनारी के बीच संतुलन ही इस परिधान को सदाबहार बनाता है। इसमें भारी कढ़ाई या बहुत अधिक सजावट की जरूरत नहीं पड़ती। सीमित रंगों और बारीक बुनाई के बावजूद यह अपनी अलग छाप छोड़ती है।

यही वजह है कि कसावु साड़ी पारंपरिक समारोहों के साथ-साथ उन महिलाओं के बीच भी लोकप्रिय है, जो कम सजावट में सुरुचिपूर्ण और आकर्षक लुक पसंद करती हैं।

सिर्फ साड़ी नहीं, केरल की सांस्कृतिक पहचान भी है कसावु

केरल में कसावु कपड़ों का संबंध केवल पहनावे से नहीं, बल्कि वहां की सांस्कृतिक परंपराओं से भी है। ओणम और विशु जैसे त्योहारों पर इनका खास महत्व होता है। शादियों और दूसरे पारंपरिक आयोजनों में भी महिलाएं इन्हें पहनती हैं।

पारंपरिक पहनावे में कसावु को मुंडू सेट के रूप में भी पहना जाता है। इसमें मुंडू और उसके साथ पहना जाने वाला ऊपरी वस्त्र शामिल होता है। इसकी सुनहरी किनारी उत्सव की खूबसूरती बढ़ाने के साथ केरल की बुनाई परंपरा की पहचान भी बन गई है।

पीढ़ियों से चली आ रही यह कारीगरी स्थानीय बुनकरों के हुनर और पारंपरिक वस्त्र निर्माण की विरासत को दर्शाती है। यही कारण है कि कसावु को केवल फैशन के नजरिए से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक महत्व के लिहाज से भी देखा जाता है।

पारंपरिक अंदाज से लेकर मॉडर्न स्टाइल तक, हर रूप में खास है कसावु

कसावु साड़ी की लोकप्रियता का एक कारण यह भी है कि इसे पारंपरिक और आधुनिक, दोनों अंदाज में पहना जा सकता है। पारंपरिक ब्लाउज के साथ इसका क्लासिक लुक उभरकर आता है, जबकि आधुनिक डिजाइन वाले ब्लाउज और सीमित आभूषणों के साथ इसे नया अंदाज दिया जा सकता है।

दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों के अलावा बॉलीवुड अभिनेत्रियां भी कई मौकों पर इस तरह की साड़ी में नजर आ चुकी हैं। इसकी सादगी इसे त्योहारों, पारिवारिक समारोहों और खास आयोजनों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाती है।

कसावु साड़ी की खासियत यही है कि इसे खूबसूरत दिखने के लिए भारी सजावट की जरूरत नहीं पड़ती। हल्के रंग, सुनहरी किनारी और बुनकरों की बारीक कारीगरी का मेल इसे ऐसा पारंपरिक परिधान बनाता है, जिसकी पहचान समय के साथ कायम है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Kasavu Saree Design, Kasavu Saree History, Kerala Handloom, Kerala Kasavu Saree, Kerala Traditional Saree, ओणम साड़ी, कसावु साड़ी का इतिहास, कसावु साड़ी की खासियत, कसावु साड़ी स्टाइल, केरल की कसावु साड़ी, केरल की पारंपरिक बुनाई, केरल की पारंपरिक साड़ी, भारतीय पारंपरिक वस्त्र, विशु पारंपरिक परिधान, सुनहरी बॉर्डर वाली साड़ी
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article मेकअप हटाने के लिए महंगे रिमूवर पर क्यों खर्च करें पैसे? घर में मौजूद इन 5 चीजों से करें चेहरे की सफाई
Next Article बरेली कोर्ट की हवालात से कैदी फरार, 3 दिन तक दबाए रखा मामला! खुलासा होते ही दरोगा समेत 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड, FIR दर्ज

फीचर

View More

सपने में चांद का दिखना सामान्य या किसी बड़े बदलाव का इशारा? जानिए क्या कहता है स्वप्न शास्त्र और आपकी किस्मत का कनेक्शन

क्या आपने कभी रात के सन्नाटे में नींद से जागने के बाद उस सपने के बारे में सोचा है, जिसमें…

By Shivani Kalani 5 Min Read

दिन में चुभती धूप, शाम होते ही कंपकंपी! आखिर गर्मियों में भी हिल स्टेशन पर सूरज ढलते ही क्यों बढ़ जाती है ठंड?

नई दिल्ली: गर्मियों में जब मैदानी शहर भीषण गर्मी से तप रहे…

5 Min Read

बिना शारीरिक संबंध बनाए पार्टनर दे रहा है धोखा! जानिए क्या है इमोशनल चीटिंग और इसके खतरनाक 5 रेड फ्लैग्स

'विश्वास' किसी भी रिश्ते की नींव होता है, लेकिन क्या हो जब…

5 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

EntertainmentLatest News

पहले दिन 4.10 करोड़, शनिवार को और बढ़ी ‘उड़ता तीर’ की कमाई! आयुष्मान-सारा की स्पाई-कॉमेडी ने दूसरे दिन कितना कमा लिया?

नई दिल्ली: आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म ‘उड़ता तीर’ सिनेमाघरों में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर…

4 Min Read
Latest Newsअन्य

जन्म लेते ही नवजात के चेहरे पर दिखीं घनी मूंछें? VIDEO वायरल होते ही इंटरनेट पर मचा हंगामा, जानिए क्या है सच्चाई

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नवजात शिशु का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में…

4 Min Read
Latest Newsअन्य

हाईवे पर रील बना रही युवती को देखने में भटका कार चालक का ध्यान, डंपर से टकराई गाड़ी; VIDEO वायरल

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में सड़क सुरक्षा को नजरअंदाज करना कितना भारी पड़ सकता है,…

3 Min Read
Latest Newsधर्म

धनतेरस पर आखिर क्यों खरीदे जाते हैं बर्तन और सोना-चांदी? भगवान धन्वंतरि से जुड़ी है खास मान्यता, जानें क्या है परंपरा

नई दिल्ली: दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस दिन बाजारों में सोना-चांदी, पीतल-तांबे के…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?