- न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके भुवनेश्वर कुमार
- भारतीय बॉलिंग कोच ने दिया लय हासिल करने के लिए समय
लखनऊ। करीब चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती टी20 मैचों में वह नई गेंद से विकेट निकालने में नाकाम रहे, जबकि पहले मुकाबले में काफी महंगे भी साबित हुए। हालांकि, भारतीय टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल को भरोसा है कि भुवनेश्वर धीरे-धीरे अपनी लय हासिल कर लेंगे। उन्होंने अनुभवी गेंदबाज को सलाह दी है कि वह बाहरी दबाव और चर्चाओं की परवाह करने के बजाय अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान दें।
मोर्ने मोर्कल ने भुवनेश्वर को दी खास सलाह
भुवनेश्वर कुमार के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए मोर्ने मोर्कल ने संकेत दिया कि उन्हें अपनी लय हासिल करने के लिए कुछ मैचों का समय दिया जाएगा। बॉलिंग कोच का मानना है कि अनुभवी गेंदबाज हर मुकाबले के साथ बेहतर होते जाएंगे और लगातार खेलने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
मोर्कल ने भुवनेश्वर को किसी खास चीज के पीछे भागने के बजाय अपनी ताकत पर भरोसा रखने की सलाह दी। उनके मुताबिक, भुवनेश्वर को बाहरी शोर-शराबे से दूर रहकर अपनी गेंदबाजी की स्वाभाविक शैली पर ध्यान देना चाहिए।
न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआत रही फीकी
भारतीय टीम में वापसी के बाद भुवनेश्वर कुमार को शुरुआती मैचों में संघर्ष करना पड़ा। पहले मुकाबले में वह काफी महंगे रहे और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। दूसरे मैच में भी वह नई गेंद से शुरुआती सफलता हासिल नहीं कर सके, हालांकि दूसरे स्पेल में उन्होंने विकेट लेकर वापसी के संकेत दिए।
भुवनेश्वर की पहचान गेंद को दोनों ओर स्विंग कराने और शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों को परेशान करने वाले गेंदबाज के रूप में रही है। ऐसे में टीम प्रबंधन को उम्मीद होगी कि वह जल्द ही अपनी पुरानी लय हासिल कर सकेंगे।
IPL में शानदार प्रदर्शन के दम पर हुई वापसी
भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी के पीछे आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन अहम रहा। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए शानदार गेंदबाजी की और टीम की लगातार खिताबी सफलताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, भुवनेश्वर ने आईपीएल 2026 में 16 मैचों में 28 विकेट हासिल किए और सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। घरेलू क्रिकेट में भी उनके लगातार विकेट लेने के प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।
अब नजरें पुरानी लय में लौटने पर
भुवनेश्वर कुमार के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है। टीम प्रबंधन का भरोसा और कुछ मैचों में लगातार खेलने का अवसर उनके लिए अहम साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि वह न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी मुकाबलों में अपने अनुभव का कितना फायदा उठाते हैं और भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को शुरुआती विकेट दिलाने में कितने सफल रहते हैं।