पटना मोदी रोड शो नीतीश गैरहाजिरी
पटना, 3 नवंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पटना रोड शो में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गैरमौजूदगी ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है. 2 नवंबर की शाम को आयोजित इस हाई-प्रोफाइल रोड शो में पीएम मोदी के साथ भाजपा के बड़े नेता मौजूद रहे, लेकिन जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार की गैरहाजिरी ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए.
जदयू ने सफाई दी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले से तय कार्यक्रम के तहत सीमांचल और दरभंगा इलाके में चुनावी सभाओं में व्यस्त थे, इसलिए पटना रोड शो में शामिल नहीं हो सके. पार्टी प्रवक्ता ने कहा, “सीएम की अनुपस्थिति को गलत न समझा जाए, वे गठबंधन के प्रति पूरी तरह वफादार हैं.” वहीं भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान ने भी कहा कि NDA “एकजुट और मजबूत” है, और नीतीश कुमार ही गठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे बने रहेंगे.
इसके बावजूद, राजनीतिक विश्लेषक इस घटना को गठबंधन के भीतर छिपे “साइलेंट स्ट्रेन” का संकेत मान रहे हैं. बिहार में भाजपा की बढ़ती चुनावी सक्रियता से यह संदेश जा रहा है कि पार्टी अब नेतृत्व की भूमिका अपने हाथों में लेने की तैयारी में है.
विश्लेषकों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार और भाजपा के बीच दूरी दिखी है. 2013 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित होने के बाद नीतीश ने गठबंधन तोड़ दिया था, और 2022 में उन्होंने महागठबंधन बनाकर भाजपा से नाता तोड़ दिया था. हालांकि, बाद में फिर NDA में वापसी हुई.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार की यह अनुपस्थिति केवल रणनीति है तो आने वाले दिनों में वह साझा मंचों पर दोबारा नजर आएंगे, लेकिन अगर यह संकेत है, तो बिहार की राजनीति एक बार फिर करवट लेने को तैयार है.
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