मध्य पूर्व में फिर तनाव
मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदें एक बार फिर टूटती नज़र आ रही हैं. गाज़ा में लागू युद्धविराम के बावजूद इज़रायली कार्रवाई रुक नहीं रही है, और लेबनान से लेकर वेस्ट बैंक तक हालात फिर गरमा गए हैं. ऊपर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाज़ा शासन वाली नई योजना को भी हमास ने दो टूक शब्दों में ठुकरा दिया है. कुल मिलाकर, इलाक़े में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है.
18 नवंबर की रात दक्षिणी लेबनान के सिडोन के पास ऐन अल-हिल्वेह फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर इज़रायल ने ड्रोन अटैक किया. हमले में 13 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए. यह हमला मस्जिद के पास खड़ी एक कार को निशाना बनाकर किया गया.
इज़रायल का दावा है कि वहां हमास का ट्रेनिंग सेंटर चल रहा था, वहीं हमास ने इसे “लेबनान की संप्रभुता पर सीधा हमला” कहा. दिलचस्प बात यह है कि लेबनान में ऐसे हमले बहुत कम होते हैं, इसलिए यह अटैक बेहद बड़ा माना जा रहा है.
इज़रायली सेना ने वेस्ट बैंक के जेनिन, बेथलेहम और तुबास में रातभर छापेमारी की. इसी दौरान अल-यमून में 14 साल के एक फिलिस्तीनी लड़के को गोली लगी और उसकी हालत गंभीर हो गई. फिलिस्तीनी अधिकारियों का दावा है कि लड़के को चार गोलियां मारी गईं और एम्बुलेंस को भी देर तक रोका गया.
UN के मुताबिक, 2025 में वेस्ट बैंक में ऐसी कार्रवाइयों में सैकड़ों फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. वहीं इज़रायली सेना कहती है कि ये ऑपरेशन “आतंकियों को पकड़ने” के लिए हैं.
अक्टूबर 2025 में अमेरिकी मध्यस्थता से युद्धविराम तो हो गया था, पर इज़रायल की एयर स्ट्राइक अभी भी रुक-रुक कर जारी हैं. फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि युद्धविराम के बाद भी 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
गाज़ा के लोगों का आरोप है कि इज़रायल “लेबनान मॉडल” चला रहा है — यानी युद्धविराम है, पर जब चाहे हमला कर देना.
ट्रंप ने गाज़ा के पुनर्निर्माण और शासन के लिए एक इंटरनेशनल “गवर्निंग बोर्ड” बनाने की योजना रखी है, जिसमें बड़े देशों के नेताओं के साथ ट्रंप खुद चेयरमैन होंगे. UN सुरक्षा परिषद ने इस प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी, रूस और चीन वोटिंग में नहीं शामिल हुए.
इज़रायल ने प्लान का स्वागत किया, लेकिन हमास ने कहा — “ये गाज़ा पर विदेशी कब्जा थोपने की कोशिश है.” हमास ने साफ कर दिया कि वो अपने हथियार नहीं छोड़ेगा.
फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने योजना को समर्थन दिया है, लेकिन हमास की नाराज़गी के बाद गाज़ा का राजनीतिक भविष्य और उलझ गया है.
लेबनान में नए हमले, वेस्ट बैंक में बढ़ती हिंसा और गाज़ा में जारी बमबारी साफ दिखाती है कि युद्धविराम के बावजूद हालात शांत नहीं हैं. ऊपर से ट्रंप की योजना को लेकर भी फिलिस्तीनियों में गहरा अविश्वास है. विश्लेषकों का कहना है कि जब तक फिलिस्तीनी राज्य का मुद्दा हल नहीं होता और कब्ज़ा खत्म नहीं होता, मध्य पूर्व में स्थायी शांति मुश्किल है.
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