इस्लामाबाद: पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने देश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का मौजूदा शासन तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है और यदि असंतुष्ट युवा एकजुट हो गए तो वे पूरी व्यवस्था को बदल सकते हैं। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने ‘कॉकरोचों’ का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि यदि ये एक साथ आ गए तो सबकुछ पलट सकता है।
इस्लामाबाद में आयोजित पाकिस्तान इकोनॉमिक समिट को संबोधित करते हुए मोहसिन नकवी ने कहा कि देश जिस प्रशासनिक व्यवस्था के तहत चल रहा है, वह अब समस्याओं का समाधान करने में सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि इसी व्यवस्था के साथ आगे बढ़ते रहे तो दस साल बाद भी पाकिस्तान उन्हीं समस्याओं से जूझता रहेगा। उनके मुताबिक अब छोटे सुधार नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव की जरूरत है।
अपने भाषण के दौरान मोहसिन नकवी ने युवाओं की बेरोजगारी और बढ़ते असंतोष का जिक्र करते हुए कहा कि अब युवाओं को छोटी-मोटी सुविधाएं देकर संतुष्ट नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि उन्हें योग्यता के आधार पर रोजगार चाहिए। इसी दौरान उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें युवा कहें, ‘कॉकरोच’ कहें या कुछ और, अगर वे एकजुट हो गए तो पूरी व्यवस्था को बदल सकते हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान लगातार कर्ज लेकर अपनी आर्थिक चुनौतियों को और बढ़ा रहा है। उनके अनुसार हर साल घाटे वाला बजट तैयार किया जाता है और फिर उसे पूरा करने के लिए नया कर्ज लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासनिक सुधार नहीं होंगे, तब तक आर्थिक संकट से बाहर निकलना मुश्किल रहेगा।
मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान में नई प्रशासनिक इकाइयों के गठन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें नए प्रांत कहा जाए या किसी अन्य नाम से पुकारा जाए, लेकिन सत्ता का विकेंद्रीकरण जरूरी है। उनका मानना है कि स्थानीय सरकारों को अधिक अधिकार मिलने से विकास तेज होगा और सरकारी सेवाएं लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचेंगी।
अपने संबोधन में मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे प्रतिदिन 14 से 18 घंटे काम करते हैं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था सरकार को केवल संकट से संकट तक पहुंचा रही है। बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब तक राजनीतिक दल मिलकर शासन व्यवस्था में सुधार नहीं करेंगे, तब तक सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की कोशिशों से भी स्थायी बदलाव संभव नहीं होगा।
मोहसिन नकवी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर सहित कई क्षेत्रों में लंबे समय से विरोध प्रदर्शन और अशांति की घटनाएं सामने आती रही हैं। हालांकि अपने संबोधन में उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर कोई टिप्पणी नहीं की।
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