भारतीय शेयर बाजार जल्द ही एक ऐसे दौर में प्रवेश करने वाला है, जो IPO मार्केट के सभी पुराने रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ सकता है। अगर आपको लगता था कि 2024 में Hyundai Motor India का 27,859 करोड़ का IPO सबसे बड़ा माइलस्टोन था, तो अब सब कुछ बदलने वाला है। अब मार्केट में दो ऐसे दिग्गज उतरने की तैयारी में हैं, Reliance Jio और NSE (National Stock Exchange) जिनका आकार और प्रभाव दोनों ही गेम-चेंजिंग साबित हो सकते हैं।
37,000 करोड़ का मेगा IPO
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली Reliance Jio करीब 37,000 करोड़ रुपए का IPO लाने की तैयारी में है। यह भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह एक फ़्रेश इशू होगा। यानी प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसा नहीं निकालेंगे, बल्कि कंपनी नए शेयर जारी करके सीधे पूंजी जुटाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा सकते हैं। Reliance Group के लिए भी यह एक बड़ा मौका है, क्योंकि Reliance Petroleum के बाद लगभग दो दशकों में यह समूह का सबसे चर्चित IPO माना जा रहा है।
इंतजार खत्म, अब एक्सचेंज खुद होगा लिस्टेड
दूसरी तरफ, देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज NSE भी लंबे इंतजार के बाद लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ रहा है। करीब 30,000 करोड़ के संभावित IPO के साथ NSE की एंट्री भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक घटना साबित हो सकती है। मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा और बढ़ेगा तथा भारत की वैश्विक वित्तीय पहचान को नई मजबूती मिलेगी।
IPO लीडरबोर्ड पूरी तरह बदल सकता है
अगर Jio और NSE के IPO सफलतापूर्वक लॉन्च होते हैं, तो भारत के सबसे बड़े IPOs की रैंकिंग पूरी तरह बदल जाएगी। इनकी एक्सपेक्टेड नई रैंकिंग होगी
- Reliance Jio की 37,000 करोड़
- NSE की 30,000 करोड़
- Hyundai Motor India की 27,859 करोड़
- LIC की 20,557 करोड़
- Paytm की 18,300 करोड़
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
Jio की मजबूत ब्रांड वैल्यू और NSE की बाजार में लगभग एकाधिकार जैसी स्थिति इन दोनों IPOs को निवेशकों के लिए बेहद अट्रैक्टिव बना सकती है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन इश्यूज़ के दौरान बाजार में भारी निवेशक भागीदारी देखने को मिल सकती है। ऐसे में जो निवेशक IPO अवसरों का फायदा उठाना चाहते हैं, उनके लिए पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखना महत्वपूर्ण हो सकता है।
Reliance Jio और NSE की संभावित लिस्टिंग सिर्फ दो बड़े IPO नहीं हैं, बल्कि भारतीय बाजार की बढ़ती ताकत और निवेशकों के बढ़ते भरोसे का प्रतीक हैं। अगर ये दोनों इश्यू उम्मीदों पर खरे उतरते हैं, तो भारतीय IPO मार्केट एक नए गोल्डन एरा में इंटर कर सकता है।