यरुशलम: मध्यस्थता के जरिए तनाव कम करने की कोशिशों के बीच इजरायल ने एक बार फिर दक्षिणी लेबनान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है। इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह से जुड़े करीब 150 ठिकानों को निशाना बनाते हुए भीषण हमले किए हैं। इन हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें लेबनानी सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल बताए गए हैं।
अमेरिकी मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सशर्त युद्धविराम पर सहमति बनने की खबरें सामने आई थीं, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां थमती नजर नहीं आ रही हैं। ताजा हमलों ने एक बार फिर हालात को गंभीर बना दिया है।
लेबनानी सेना के अनुसार, खारदाली-नबातीह मार्ग पर एक सैन्य वाहन को निशाना बनाकर किए गए इजरायली हमले में एक ब्रिगेडियर जनरल, एक कैप्टन और एक सैनिक की मौत हो गई। इस घटना ने लेबनानी सेना को बड़ा झटका दिया है।
वहीं, इजरायली सेना का कहना है कि यह कार्रवाई एक सक्रिय युद्ध क्षेत्र में की गई, जहां सुरक्षा संबंधी खतरे मौजूद थे।
हमले के बाद लेबनानी सेना ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इजरायल की लगातार और जानबूझकर की जा रही सैन्य कार्रवाई का मकसद क्षेत्र में किसी भी संभावित समाधान और शांति प्रयासों को विफल करना है।
सेना का आरोप है कि बार-बार हो रहे हमले तनाव को और बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे देश की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और स्थापित मानदंडों का गंभीर उल्लंघन है।
वहीं, प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी इस कार्रवाई को अस्वीकार्य बताते हुए इसकी निंदा की और मृत अधिकारियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने जारी बयान में ब्रिगेडियर जनरल वस्साम सबरा, कैप्टन एली खौरी और सैनिक हुसैन गोजल के परिवारों, सहयोगियों तथा लेबनानी सेना के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि देश अपने जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।
इससे पहले भी इजरायली वायुसेना लेबनान की पूर्वी बेका घाटी समेत कई क्षेत्रों में हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर हमले कर चुकी है। इजरायली नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिए थे कि वह हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज करेगा।
यह बयान ऐसे समय आया था जब हिजबुल्लाह की ओर से दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इजरायल में इजरायली सैन्य ठिकानों पर फाइबर ऑप्टिक ड्रोन के जरिए हमले किए जाने का दावा किया गया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं की कथित धांधली व पेपर…
शेयर बाजार में मल्टीबैगर रिटर्न देने वाले स्टॉक्स हमेशा निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचते…
इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ आमतौर पर रोड पर बिल्कुल शांत और बेआवाज़ चलती हैं, लेकिन अगर आपको…
आज के समय में साइबर अपराधियों के तरीके पहले से कहीं ज्यादा एडवांस हो चुके…
20 जुलाई 2026 को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज और जंतर-मंतर से…
लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को…