लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। तीन मंजिला इमारत में लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया, जिससे वहां संचालित एनीमेशन कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे छात्र और अन्य लोग अंदर फंस गए। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।
आग लगने के बाद इमारत में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कुछ लोगों ने ऊंचाई से छलांग लगाई, जबकि कई लोग पाइप और अन्य सहारों की मदद से नीचे उतरकर बाहर निकले। राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर लोगों को बाहर निकाला, लेकिन कई जिंदगियां नहीं बचाई जा सकीं।
15 लोगों की मौत, दो घायलों का इलाज जारी
घायलों को तत्काल इलाज के लिए केजीएमयू भेजा गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार 15 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था। एक छात्र की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है।
कुल 11 घायलों को भर्ती किया गया था, जिनमें से 9 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो मरीजों का उपचार अभी भी जारी है।
मुख्यमंत्री ने रद्द किए सभी कार्यक्रम
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना निर्धारित हाथरस और आगरा दौरा रद्द कर दिया। मुख्यमंत्री आवास पर देर शाम उच्चस्तरीय बैठक कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने, घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
2 सदस्यीय SIT करेगी पूरे मामले की जांच
सरकार ने हादसे की विस्तृत जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। टीम में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने SIT को सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। जांच में आग लगने के कारणों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और संभावित लापरवाही की पड़ताल की जाएगी।
मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये सहायता
राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के समुचित इलाज और हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।
बिल्डिंग मालिक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
अलीगंज थाने में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बिल्डिंग मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, एनीमेशन कोचिंग सेंटर संचालक तुषार कृष्णा जायसवाल और वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि अन्य संभावित जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आगे कार्रवाई जारी रहेगी।
चार अधिकारियों पर गिरी कार्रवाई की गाज
प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद राज्य सरकार ने चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित अधिकारियों में एक्सईएन कलेक्शन जानकीपुरम गौरव कुमार, एफएसएसओ इंदिरानगर कमलेन्द्र कुमार सिंह, सहायक अभियंता अनिल कुमार और जूनियर इंजीनियर प्रमोद पांडे शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में गंभीर चूक की आशंका है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
फायर सेफ्टी व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि शुरुआती जांच में फायर सेफ्टी नियमों के पालन में गंभीर लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
यह हादसा शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि भवन में आवश्यक अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
पूरे प्रदेश में शोक की लहर
इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रदेशभर में शोक का माहौल है। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।