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Low Sugar, High Benefit! क्यों बदल रही है लोगों की ड्रिंकिंग हैबिट क्या वाकई हेल्दी हैं ये नए ड्रिंक्स? एक्सपर्ट्स ने बताई पूरी सच्चाई

गर्मियों में ठंडा पीना लगभग हर किसी को पसंद होता है, लेकिन अब लोग सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि सेहत को ध्यान में रखकर विकल्प चुन रहे हैं। यही वजह है कि पारंपरिक ज्यादा शुगर वाली कोल्ड ड्रिंक्स की जगह अब फंक्शनल ड्रिंक्स तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। ये ऐसे ड्रिंक्स हैं जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ भी देने का दावा करते हैं।

फंक्शनल ड्रिंक्स में सबसे ज्यादा चर्चा प्रोटीन सोडा, प्रीबायोटिक सोडा और NAD इन्फ्यूज्ड ड्रिंक्स की हो रही है। इन ड्रिंक्स में शुगर की मात्रा सामान्य सॉफ्ट ड्रिंक्स के मुकाबले काफी कम होती है, इसलिए फिटनेस और हेल्थ को लेकर जागरूक लोग इन्हें ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

क्या है प्रोटीन सोडा?

प्रोटीन सोडा ऐसा ड्रिंक है जिसमें हल्के कार्बोनेटेड ड्रिंक के साथ प्रोटीन मिलाया जाता है। इसे खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी माना जा रहा है जो वर्कआउट के बाद शरीर को ऊर्जा देना चाहते हैं। प्रोटीन शरीर की ताकत वापस लाने में मदद करता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है।

गट हेल्थ के लिए प्रीबायोटिक सोडा

प्रीबायोटिक सोडा में ऐसे तत्व होते हैं जो पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं। इससे पाचन बेहतर रहने, पेट हल्का महसूस होने और गट हेल्थ मजबूत होने में मदद मिल सकती है। आजकल कई हेल्थ ब्रांड इसे रोजमर्रा के ड्रिंक के रूप में पेश कर रहे हैं।

एंटी-एजिंग पर फोकस कर रहे NAD ड्रिंक्स

NAD इन्फ्यूज्ड ड्रिंक्स में ऐसे तत्व शामिल किए जाते हैं जो शरीर की ऊर्जा प्रक्रिया से जुड़े माने जाते हैं। इन्हें एंटी-एजिंग और शरीर की अंदरूनी मरम्मत से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि इन ड्रिंक्स के असर पर अभी और रिसर्च की जरूरत है।

क्यों बदल रही है लोगों की पसंद?

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोग अब हाई-शुगर ड्रिंक्स से दूरी बना रहे हैं क्योंकि ज्यादा शुगर मोटापा, डायबिटीज और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। ऐसे में लो-शुगर और अतिरिक्त पोषण वाले ड्रिंक्स बाजार में तेजी से जगह बना रहे हैं।

ध्यान रखने वाली बात

हालांकि फंक्शनल ड्रिंक्स को हेल्दी विकल्प माना जा रहा है, लेकिन किसी भी पैक्ड ड्रिंक को चुनने से पहले उसका लेबल पढ़ना जरूरी है। कई बार लो-शुगर के नाम पर आर्टिफिशियल फ्लेवर या दूसरे एडिटिव्स भी शामिल हो सकते हैं।

यानी आने वाले समय में कोल्ड ड्रिंक सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सेहत के साथ जुड़ी नई जरूरतों के अनुसार बदलती नजर आएगी।

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