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बिहार में आसमानी बिजली का कहर, 5 महिलाओं समेत 8 की मौत; खेतों में काम कर रहे मजदूरों पर गिरी आफत

नवादा/बांका: बिहार में बारिश के बीच आकाशीय बिजली ने मंगलवार को दो जिलों में कहर बरपा दिया। नवादा और बांका में हुई अलग-अलग घटनाओं में 5 महिलाओं समेत 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग झुलसकर घायल हुए हैं। नवादा में धान की रोपाई कर रहे तीन मजदूरों की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हुई, वहीं बांका में अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की जान चली गई।

नवादा में खेत में काम कर रहे तीन मजदूरों की मौत

नवादा के रजौली प्रखंड की अमावां पश्चिमी पंचायत के दरियापुर गांव के पास मंगलवार शाम अचानक मौसम बदला। किसान मनोज यादव के खेत में चार मजदूर धान की रोपाई कर रहे थे। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली खेत में गिरी और तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस तथा प्रशासन को सूचना दी। मृतकों के परिवारों तक खबर पहुंचते ही घरों में मातम छा गया।

रोजगार की तलाश में दूसरे जिले से आए थे मजदूर

बताया गया कि सीतामढ़ी जिले के मधेशरा गांव से 12 मजदूर धान की रोपाई के लिए रजौली इलाके में आए थे। इनमें से कुछ राजा बिगहा गांव में काम कर रहे थे, जबकि चार मजदूर दरियापुर गांव में धान की रोपाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बारिश के साथ बिजली गिर गई।

हादसे में मारे गए तीनों मजदूर आपस में रिश्तेदार थे। मृतकों की पहचान मधेशरा गांव निवासी मनी मांझी, रामप्रीत मांझी के पुत्र राजेंद्र मांझी और इंदल मांझी के पुत्र इंद्रजीत मांझी के रूप में हुई है। मनी मांझी की उम्र 60 वर्ष, राजेंद्र मांझी की 20 वर्ष और इंद्रजीत मांझी की 18 वर्ष थी।

उनके साथ काम कर रहा रघुवीर कुमार इस हादसे में बाल-बाल बच गया। उसने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। रजौली से दो एंबुलेंस भी घटनास्थल पर भेजी गईं। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

रजौली थाना अध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रणजीत कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। एएसआई संजय कुमार यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

मृतकों के परिवारों को मिलेगा सरकारी मुआवजा

अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी ने बताया कि वज्रपात से तीन लोगों की मौत की सूचना मिली है। मृतकों के परिजनों को आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के तहत सरकारी मुआवजा दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

बांका में चार महिलाओं समेत पांच की मौत

बांका जिले में भी बारिश के दौरान वज्रपात ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। चांदन और बौंसी प्रखंड क्षेत्रों में अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में चार महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। घायलों में महिलाएं और दो बच्चे भी हैं।

चांदन प्रखंड के सुईया थाना क्षेत्र के बोंड़ा गांव में धान की रोपाई के दौरान बिजली गिरने से तीन महिलाओं की मौत हो गई। वहीं एक किशोर और एक किशोरी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ग्रामीणों की मदद से सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन महिलाओं को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान कुसमी देवी, रिंकू देवी और रेणु देवी के रूप में हुई है। कुसमी देवी की उम्र 45 वर्ष, रिंकू देवी की 35 वर्ष और रेणु देवी की 38 वर्ष थी। बताया गया कि तीनों महिलाएं आपस में गोतनी थीं। वहीं सौरभ कुमार और रानी कुमारी वज्रपात की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत से गांव में मातम

बोंड़ा गांव की घटना पर बेलहर के जेडीयू विधायक मनोज यादव ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत बेहद दुखद है। विधायक ने पीड़ित परिवारों को सरकार की ओर से मिलने वाली मुआवजा राशि जल्द दिलाने का आश्वासन दिया।

बौंसी में भी दो लोगों की गई जान

बौंसी प्रखंड में भी वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हुए हैं। सिराय गांव के वार्ड नंबर सात निवासी सुरेश यादव खेत की ओर जाते समय पोखर के पास बिजली की चपेट में आ गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं काजीकैरी गांव की 50 वर्षीय सुफियाना खातून खेत में धान रोप रहे मजदूरों के लिए नाश्ता पहुंचाकर लौट रही थीं। इसी दौरान वह भी वज्रपात की चपेट में आ गईं और उनकी मौत हो गई। नसीमा खातून गंभीर रूप से झुलस गई हैं। नदी में पानी और पुल नहीं होने के कारण उनका इलाज गांव में ही कराया जा रहा है।

इसके अलावा दलिया गांव की माधुरी देवी और बेना मोहनपुर गांव की तीन महिलाएं भी वज्रपात से झुलस गईं। लगातार बारिश के बीच बिजली गिरने की घटनाओं से प्रभावित इलाकों में दहशत का माहौल है। सुरेश यादव और सुफियाना खातून के परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है।

vineet verma

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