16 अक्टूबर को यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव, बीजेपी के खाते में 8 सीटें जाने की संभावना; स्मृति ईरानी, बीएल वर्मा, हरदीप सिंह पुरी समेत कई नामों पर चर्चा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव की तारीख सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी के भीतर संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। इनमें मौजूदा समय में आठ सीटें बीजेपी, एक समाजवादी पार्टी और एक बहुजन समाज पार्टी के पास है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर बीजेपी के आठ सीटें जीतने की संभावना जताई जा रही है।
ऐसे में बीजेपी के सामने सबसे बड़ा सवाल संभावित आठ सीटों पर उम्मीदवारों के चयन का है। पार्टी पुराने और अनुभवी चेहरों को दोबारा मौका देती है या संगठन में सक्रिय नए नेताओं को संसद के उच्च सदन में भेजती है, इस पर नजर बनी हुई है। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले होने वाला यह चुनाव पार्टी के लिए संगठन और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी के जिन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने 11 सितंबर को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल का पद संभालने के बाद राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था, जिससे उनकी सीट पहले ही खाली हो चुकी है।
यानी बीजेपी के सामने अपने मौजूदा आठ सीटों के लिए नए सिरे से उम्मीदवार तय करने की स्थिति है। इनमें कुछ पुराने चेहरों की वापसी की चर्चा है तो कुछ नए नाम भी संभावित दावेदारों के तौर पर सामने आ रहे हैं।
केंद्र सरकार में मंत्री बीएल वर्मा और हरदीप सिंह पुरी का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। ऐसे में कैबिनेट में उनकी भूमिका और पार्टी की आगे की रणनीति के आधार पर उनके दोबारा राज्यसभा भेजे जाने को लेकर चर्चा बनी हुई है। हरदीप सिंह पुरी यूपी से बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं और केंद्र सरकार में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हैं, जबकि बीएल वर्मा केंद्रीय मंत्री हैं।
बीएल वर्मा का नाम बीजेपी के ओबीसी और लोधी समाज से जुड़े प्रमुख चेहरों में लिया जाता है। वहीं हरदीप सिंह पुरी के मामले में केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनकी भूमिका और पार्टी के व्यापक सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा है।
संभावित उम्मीदवारों की चर्चा में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम भी सामने आ रहा है। उन्हें हाल में बीजेपी संगठन में राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी संगठन में उनकी भूमिका बढ़ने के बाद यूपी से उन्हें राज्यसभा भेजे जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, अभी तक बीजेपी ने किसी भी नाम को आधिकारिक तौर पर उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। इसलिए स्मृति ईरानी समेत सभी नामों को फिलहाल संभावित दावेदारों की चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है।
बीजेपी के संगठन में सक्रिय नेताओं में हरिश द्विवेदी का नाम भी संभावित दावेदारों की चर्चा में है। पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में उनकी भूमिका को देखते हुए उनके नाम पर भी चर्चा होने की बात सामने आई है।
राज्यसभा चुनाव के जरिए बीजेपी संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने के साथ-साथ जातीय और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रख सकती है। हालांकि उम्मीदवारों की अंतिम सूची सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पार्टी किन समीकरणों को प्राथमिकता देती है।
पूर्व यूपी डीजीपी बृजलाल का कार्यकाल भी नवंबर में खत्म हो रहा है। वह बीजेपी के दलित समाज से आने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
वहीं सीमा द्विवेदी और गीता शाक्य के नाम भी संभावित उम्मीदवारों की चर्चाओं में हैं। सीमा द्विवेदी जौनपुर से तीन बार विधायक रह चुकी हैं। गीता शाक्य बीजेपी के पिछड़ा वर्ग संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।
ऐसे में दोनों नेताओं को दोबारा मौका मिलता है या पार्टी नए चेहरों पर दांव लगाती है, इस पर भी नजर रहेगी।
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। बीजेपी में शामिल होने के बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा था। अब उनके दोबारा उच्च सदन में लौटने को लेकर पार्टी का फैसला अहम होगा।
वहीं बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह भी उन नेताओं में हैं जिनका कार्यकाल खत्म हो रहा है। संगठन में लंबे समय तक अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके अरुण सिंह के नाम को लेकर भी पार्टी के भीतर चर्चा बनी हुई है।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक राज्यसभा चुनाव के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर होगी। जरूरत पड़ने पर 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी की जानी है।
फिलहाल बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों को लेकर कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन अंतिम तस्वीर पार्टी की आधिकारिक सूची जारी होने के बाद ही साफ होगी। खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बीजेपी मौजूदा सांसदों में से कितनों को दोबारा मौका देती है और कितनी सीटों पर नए चेहरों को राज्यसभा भेजती है।
समिक भट्टाचार्य ने CEC ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देने की बात कही, पवन खेड़ा…
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 27 सितंबर से शुरू होने…
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच युद्ध रोकने की कूटनीतिक कोशिशों…
न्यूयॉर्क। ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की सेहत और उनके जिंदा होने को लेकर…
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच विपक्षी दलों के…
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में एक बार फिर अपना दबदबा कायम कर…