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“सबसे बड़ा आर्थिक क्रैश आ रहा है…” कियोसाकी की चेतावनी के बाद क्यों थर्राए अमेरिका-जापान-भारत के शेयर बाजार?

news desk
Last updated: December 5, 2025 12:11 pm
news desk
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कियोसाकी की चेतावनी से क्यों हिल गए अमेरिका–जापान–भारत के शेयर बाजार?
कियोसाकी की चेतावनी से क्यों हिल गए अमेरिका–जापान–भारत के शेयर बाजार?
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वैश्विक शेयर बाजारों में पिछले दो दिनों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अमेरिकी नौकरी डेटा ने मंदी की आशंकाओं को और गहरा किया, जापान में टेक रैली देखी गई, जबकि भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ। इसी बीच, मशहूर वित्त लेखक रॉबर्ट कियोसाकी के ताज़ा बयान और चेतावनियों ने निवेशकों में नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

अमेरिकी बाजार: नौकरी कटौती बढ़ी, अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव

अमेरिकी शेयर सूचकांक गुरुवार को लगभग स्थिर रहे, लेकिन नवंबर के रोजगार डेटा ने बाजार की चिंता बढ़ा दी। ADP रिपोर्ट के अनुसार निजी सेक्टर में 32,000 नौकरियां गईं—यह दो साल में सबसे बड़ी गिरावट है। 2025 में अब तक 1.17 मिलियन नौकरी कटौतियां हो चुकी हैं, जो 2024 की तुलना में 54% ज्यादा है। महंगाई अभी भी 2% के लक्ष्य से ऊपर है, जबकि फेड की 9-10 दिसंबर की बैठक से पहले 25 बेसिस पॉइंट दर कटौती की 87% संभावना मानी जा रही है।

जापानी बाजार: टेक सेक्टर चमका, लेकिन ‘कैरी ट्रेड’ के अंत की गूंज

निक्केई 225 गुरुवार को 2.33% उछलकर 51,028.42 पर बंद हुआ। सॉफ्टबैंक, टोक्यो इलेक्ट्रॉन, फैनुक जैसे स्टॉक्स में मजबूत तेजी देखी गई।

लेकिन इस सकारात्मक माहौल के बीच बड़ा झटका रॉबर्ट कियोसाकी के बयान से आया:
“30 साल पुराना जापानी कैरी ट्रेड खत्म हो चुका है और इसी के साथ दुनिया की सबसे बड़ी एसेट बबल फट चुकी है।”

कैरी ट्रेड के खत्म होने से वैश्विक रियल एस्टेट, स्टॉक्स और बॉन्ड्स पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जिसका असर आने वाले महीनों में उभरते बाजारों पर भी दिख सकता है।

भारतीय बाजार: विदेशी बिकवाली और कमजोर रुपया चिंता का कारण

भारतीय शेयर बाजार आज दबाव में रहा। निफ्टी 50 0.18% और सेंसेक्स 0.04% गिरकर बंद हुए। PSU बैंक 3% टूटे, जबकि मिडकैप–स्मॉलकैप में कमजोरी जारी रही।

FII ने 3,600 करोड़ रुपये की भारी बिकवाली की, जबकि रुपया डॉलर के मुकाबले 90 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। RBI की नीति बैठक से पहले निवेशकों का रुख सतर्क है।

कियोसाकी की चेतावनी: “पुराने पैसों की सोच छोड़ो… सबसे बड़ा आर्थिक क्रैश दरवाज़े पर है”

रिच डैड पुअर डैड के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने वैश्विक आर्थिक संकट को लेकर एक कड़ी चेतावनी जारी की है:

कियोसाकी ने कहा: “पुराने पैसे की सोच रखने वाले लोग इस क्रैश में सबसे ज्यादा नुकसान उठाएँगे… ‘सैवर्स आर लूज़र्स’—यह बात आज सबसे ज्यादा सच है।”

उनके अनुसार उन्होंने 1965 से सिल्वर, 1972 से गोल्ड और 2019 से बिटकॉइन में निवेश किया है। उनका दावा है कि उन्होंने अपना $4.5 मिलियन का घर 2000 में खरीदे गए गोल्ड से खरीद लिया।

कैरी ट्रेड का अंत… फूट चुकी है एसेट्स बबल?

कियोसाकी ने कहा कि जापान द्वारा “कैरी ट्रेड” खत्म करने से पिछले 30 वर्षों में जमा हो चुका एसेट बबल फट गया है, और असली क्रैश थैंक्सगिविंग के बाद शुरू हो चुका है।

उन्होंने चेतावनी दी कि:
“लाखों लोग बेरोजगार होंगे, लाखों की नौकरियां जाएँगी और बेघर हो जाएंगे… लेकिन सही कदम उठाकर आप अमीर बन सकते हैं।”

कियोसाकी का निवेश सुझाव

ऊर्जा सेक्टर ही भविष्य

उनके अनुसार आने वाले वर्षों में सबसे बड़ा धन ऊर्जा सेक्टर से पैदा होगा:

  • तेल और प्राकृतिक गैस
  • AI को चलाने के लिए विशाल ऊर्जा की जरूरत
  • निवेशक स्टॉक्स, ETFs या प्राइवेट इक्विटी के जरिए इसमें निवेश कर सकते हैं

उन्होंने कहा:
“AI करोड़ों नौकरियां खत्म करेगा… लेकिन ऊर्जा कंपनियां इससे और ज्यादा कमाएंगी।”

बाकी 9 निवेश सुझाव वे अगले ट्वीट्स में साझा करेंगे।

वैश्विक जुड़ाव: अमेरिका की कमजोरी, जापान का जोखिम, भारत पर दबाव

वैश्विक बाजार एक-दूसरे पर निर्भर हैं। अमेरिकी नौकरी कटौती ने उभरते बाजारों में जोखिम बढ़ाया है। जापान की दर बढ़ोतरी और कैरी ट्रेड का अंत वैश्विक यील्ड को प्रभावित करेगा।

भारत की GDP 8.2% पर मजबूत है, लेकिन विदेशी निवेश और मुद्रा कमजोरी चिंता बढ़ा रहे हैं।

फिलहाल दुनिया ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ पुराने आर्थिक सिद्धांत काम नहीं आ रहे। फेड और RBI की अगली नीतियाँ बाजारों की दिशा तय करेंगी। निवेशकों के लिए कियोसाकी का संदेश स्पष्ट है:
“पुरानी सोच छोड़ो… नई सोच अपनाओ… नहीं तो इस क्रैश में बाकी हारने वालों की तरह तुम भी गिरोगे।”

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