कानपुर में फर्जी फाइनेंस कंपनी बनाकर महिलाओं को बनाते थे शिकार!
कानपुर में पुलिस ने धोखाधड़ी करने वाले चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले का खुलासा किया. इन आरोपियों पर करीब 70 महिलाओं से लाखों रूपये ठगने का आरोप है. गिरफ्तार चारों आरोपियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने उनके कब्जे से 55,000 रुपये नकद, ठगी के पैसे से खरीदे गए सोने के गहने, एक लैपटॉप, एक मोटरसाइकिल, पांच स्मार्टफोन और एक बायोमेट्रिक उपकरण जब्त किए हैं.
कैसे करते थे फर्जीवाड़ा ?
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी शिवराजपुर में ‘शिल्पा फिनकैप प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की एक जाली कंपनी चला रहे थे. वो गांव-गांव जाकर महिलाओं को बिना किसी सिक्योरिटी के 50 हजार रुपये का लोन देने का वादा करते. इसके बदले हर आवेदन पर 3,900 रुपये ‘फाइल हैंडलिंग चार्ज’ के नाम पर ऐंठ लेते. कुछ महिलाओं को फंसाने के बाद वो चेन सिस्टम चला रहे थे यानी पीड़ितों से कहते कि वो अपने रिश्तेदारों या पड़ोसियों को भी कंपनी से जोड़ें. इसी बहाने नेटवर्क फैलता गया और कुल 71 महिलाएं फंस गईं. जब महिलाओं को भनक लगी कि यह सब फर्जीवाड़ है, तो उन्होंने शिवराजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई. इस पर क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारा.
पुलिस का बयान
डीसीपी दिनेश त्रिपाठी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की पूरी जानकारी मीडिया से साझा की. डीसीपी त्रिपाठी ने कहा, हमारी प्राथमिकता है कि महिलाएं न केवल सुरक्षित रहें, बल्कि आर्थिक रूप से भी सशक्त हों. इस तरह के फर्जीवाड़े समाज के कमजोर वर्ग को निशाना बनाते हैं. फिलहाल पुलिस इस मामले की पूरी छानबीन कर रही है
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