अक्सर गर्मियों के मौसम में प्यास लगना और मुंह सूखना एक सामान्य बात मानी जाती है। लेकिन क्या आपके साथ ऐसा हो रहा है कि बार-बार पानी पीने के बावजूद आपका गला और मुंह सूखा ही रहता है? अगर हां, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज करने की गलती न करें। विशेषज्ञों के अनुसार, यह शरीर में पनप रही कुछ गंभीर बीमारियों का शुरुआती अलार्म हो सकता है।
हालिया स्वास्थ्य रिपोर्टों के मुताबिक, बार-बार मुंह सूखने के पीछे केवल डिहाइड्रेशन ही नहीं, बल्कि कई अन्य चिकित्सकीय कारण हो सकते हैं:
1. डायबिटीज का शुरुआती लक्षण
चिकित्सकों का मानना है कि बार-बार मुंह सूखना ‘टाइप 2 डायबिटीज’ का एक प्रमुख संकेत हो सकता है। जब शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, तो किडनी उसे बाहर निकालने के लिए ज्यादा काम करती है, जिससे बार-बार पेशाब आता है और शरीर में पानी की कमी होने लगती है।
2. विटामिन और आयरन की कमी
अगर आपको मुंह सूखने के साथ-साथ कमजोरी और जीभ में जलन महसूस हो रही है, तो यह शरीर में विटामिन B और आयरन की कमी का संकेत है। इन पोषक तत्वों की कमी से लार ग्रंथियां सही ढंग से काम नहीं कर पातीं।
3. थायराइड की समस्या
थायराइड की स्थिति में शरीर का मेटाबॉलिज्म असंतुलित हो जाता है। इसकी वजह से मुंह में पर्याप्त लार नहीं बन पाती, जिससे व्यक्ति को लगातार प्यास का अहसास होता रहता है।
4. दवाइयों के साइड इफेक्ट्स और एंग्जायटी
कई बार हाई ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन या एलर्जी की दवाइयां लेने से भी मुंह सूखने की समस्या होती है। इसके अलावा, अत्यधिक तनाव या एंग्जायटी के कारण भी लार का उत्पादन कम हो जाता है।
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पानी पीने के बाद भी राहत न मिले, तो तुरंत ब्लड शुगर टेस्ट और थायराइड की जांच करानी चाहिए। दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। कैफीन यानी चाय-कॉफी और शराब का सेवन कम करें। डाइट में हरी सब्जियां और रसीले फलों को शामिल करें।