तेहरान/दोहा। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी गुरुवार को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचेंगे। यहां वह ईरानी अधिकारियों के साथ मुलाकात कर युद्ध और तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा करेंगे।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर कहा है कि उन्हें किसी तरह की जल्दबाजी नहीं है। अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव, दोनों ही प्रभावी साबित हो रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि तेहरान के साथ वार्ता फिर शुरू करने के लिए अमेरिका जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर हमला
तनाव के बीच रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर को अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया। ब्रिटेन की मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) एजेंसी के मुताबिक, हमले के बाद टैंकर में आग लग गई। इस घटना ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
ईरान ने कहा- अभी बंद है होर्मुज
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है। उन्होंने ओमान के साथ हुए अस्थायी ट्रांजिट समझौते के बावजूद जलमार्ग को पूरी तरह खोलने से इनकार किया है।
गरीबाबादी के मुताबिक, अमेरिका को पहले 17 जून को हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में किए गए अपने वादों और प्रतिबद्धताओं पर लौटना होगा। इसके बाद ही होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोले जाने पर विचार किया जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है। इसके लंबे समय तक बंद रहने से तेल और गैस की आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर दबाव और बढ़ सकता है।