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ईरान पर ‘महा-संकट’ की घड़ी: ट्रंप की डेडलाइन खत्म, इजरायल का अगले 12 घंटों में ट्रेन नेटवर्क तबाह करने का अल्टीमेटम

तेहरान/तेल अवीव। मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध की आग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। आज, मंगलवार 7 अप्रैल, ईरान के लिए सबसे घातक दिन साबित हो सकता है। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समझौते के लिए दी गई समय सीमा (Deadline) समाप्त हो रही है, तो दूसरी ओर इजरायल ने ईरान के पूरे रेल नेटवर्क को निशाना बनाने का औपचारिक ऐलान कर दिया है।

इजरायली सेना की तत्काल चेतावनी: “ट्रेनों से दूर रहें”

इजरायली रक्षा बल (IDF) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने फारसी भाषा के चैनल के माध्यम से ईरानी नागरिकों के लिए एक आपातकालीन नोटिस जारी किया है। इजरायली सेना का संदेश: “प्रिय नागरिकों, आपकी सुरक्षा के लिए हम अनुरोध करते हैं कि रात 9 बजे तक पूरे ईरान में रेल यात्रा से बचें। ट्रेनों के पास आपकी उपस्थिति आपके जीवन को खतरे में डालती है।”

आज का दिन ईरान के लिए क्यों है ‘कयामत की रात’?

ईरान आज दो तरफा दबाव में घिरा हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है:

  1. ट्रंप की ‘डेडलाइन’ का अंत

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए आज तक का समय दिया था। यदि ईरान उनकी शर्तों को नहीं मानता, तो अमेरिका ने ‘विनाशकारी कार्रवाई’ की धमकी दी है। आज इस समय सीमा के खत्म होने के साथ ही अमेरिका की अगली रणनीति पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

  1. इजरायल का ‘ऑपरेशन रेलवे’

इजरायल अब ईरान की सप्लाई चेन और परिवहन व्यवस्था को पंगु बनाना चाहता है। ट्रेन नेटवर्क पर हमला ईरान की सैन्य आवाजाही और रसद (logistics) को पूरी तरह रोक सकता है। यह इजरायल की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह सीधे नागरिकों को निशाना बनाए बिना देश की अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर को चोट पहुंचा रहा है।

ईरान में दहशत का माहौल

इजरायल की इस सीधी चेतावनी के बाद ईरान के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अफरा-तफरी का माहौल है। जानकारों का मानना है कि इजरायल ‘प्रिसिजन गाइडेड मिसाइलों’ या साइबर हमलों के जरिए रेलवे के सिग्नलिंग सिस्टम और पटरियों को निशाना बना सकता है।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आज रात तक कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता है, तो ईरान के ऊर्जा केंद्रों और परिवहन नेटवर्क पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले देखे जा सकते हैं। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और भारतीय शेयर बाजार पर भी गहरा असर पड़ सकता है।

news desk

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