ममता बनर्जी का तीखा हमला कहा
बंगाल चुनाव 2026 के पहले चरण से ठीक पहले आई इस रिपोर्ट ने सबको चौका दिया है, चुनाव आयोग द्वारा जारी SIR की फाइनल रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की वोटर लिस्ट से 91 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, बंगाल की राजनीति में इसे अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। जिसके बाद बंगाल की चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
चुनाव आयोग ने इस बार ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ नाम के एक स्मार्ट सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया। चुनाव आयोग का कहना है की इस सॉफ्टवेयर से पता चला कि लाखों वोटर्स ऐसे थे जिनके नाम दो जगहों पर थे या जिनके दस्तावेज सही नहीं थे। करीब 63.6 लाख नाम सीधे तौर पर फर्जी या डुप्लीकेट पाए गए। बाकी 28 लाख नाम लंबी जांच के बाद हटाए गए क्योंकि वो लोग अब उस पते पर नहीं रहते।
इस छटाई के हॉटस्पॉट जिले रहे मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना में सबसे ज्यादा नाम काटे गए हैं।
इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने पर हंगामा हुआ, तो मामला कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन लोगों के नाम कटे हैं, उनकी सुनवाई के लिए स्पेशल ‘अपील ट्रिब्यूनल’ बनाए जाएं। 23 अप्रैल को पहले फेज की वोटिंग है, जिसके लिए कल आधी रात से वोटर लिस्ट फ्रीज हो गई है। यानी अब पहले फेज की सीटों पर कोई बदलाव नहीं होगा।
ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर आरोप है की यह सरा सर “लोकतंत्र के खिलाफ साजिश” है और उनका ये भी कहना है की “यह लाखों लोगों के वोट देने के हक को छीनने की साजिश है। हम चुप नहीं रहेंगे और हर जिले में लोगों की कानूनी मदद करेंगे।”
नई दिल्ली: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ से मची तबाही के बाद भारत ने…
नई दिल्ली: यूपीएससी की तैयारी करने वालों के लिए किताबें सिर्फ कागज का ढेर नहीं…
नई दिल्ली: कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी…
कोलंबो: भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला अब…
मुंबई: इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन 2’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रही…
टोक्यो: जापान के ओकिनावा और आसपास के दक्षिण-पश्चिमी द्वीपों में तूफान ‘साउडेल’ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त…