79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जब पूरा देश जश्न की तैयारियों में डूबा है, तब उन चेहरों पर रोशनी डाली जा रही है जो पर्दे के पीछे रहकर हमारी सुरक्षा का पहरा संभालते हैं। गृह मंत्रालय (MHA) ने इस साल खाकी, कॉम्बैट बूट्स और फायर सूट के उन 1,057 रियल हीरोज के नामों का ऐलान कर दिया है, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर देश की रक्षा की है।
कौन हैं ये साइलेंट गार्डियंस?
यह लिस्ट सिर्फ नामों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह उन अदम्य साहस और जज्बे की कहानी है जो सबसे खतरनाक मोर्चों पर लिखी गई। इस बार पुलिस, फायर सर्विस, होमगार्ड और करेक्शनल सर्विसेज के उन धुरंधरों को ऑनर किया गया है, जिन्होंने हालात चाहे जैसे भी हों, हमेशा ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाई है।
द गॉल टैलेंट: नंबर्स जो सब कुछ बयां करते हैं
इस साल कुल 1,057 मेडल्स की घोषणा हुई है, जिन्हें अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है:
गैलेंट्री मेडल (GM): अदम्य साहस के लिए कुल 301 जांबाजों को चुना गया है।
विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (PSM): असाधारण योगदान के लिए 92 कर्मियों के नाम।
सराहनीय सेवा पदक (MSM): कर्तव्यनिष्ठा के लिए 664 कर्मवीरों को सम्मान।
जमीनी मोर्चे पर बहादुरी
सबसे ज्यादा वीरता पदक उन इलाकों के जवानों के खाते में गए हैं जहां हर कदम पर खतरा होता है, वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित क्षेत्र: 197 मेडल और जम्मू-कश्मीर ज़ोन: 51 मेडल इतना ही नही जान की बाजी लगाकर आग के समंदर में कूदने वाले 29 अग्निशमन कर्मियों को उनकी बेजोड़ बहादुरी के लिए सलाम किया गया है।