भारतीय टीम इस समय घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज खेल रही है। हालांकि टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया को 25 साल बाद दक्षिण अफ्रीका से 2-0 की हार झेलनी पड़ी।
इस हार के बाद चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ पर सवाल उठने लगे हैं. टेस्ट टीम में अनुभव की कमी साफ दिखाई दी, जिसका सबसे बड़ा कारण था विराट कोहली और रोहित शर्मा का टेस्ट टीम में न होना. दोनों खिलाड़ी टेस्ट और टी-20 से संन्यास ले चुके हैं, जिसके चलते टीम का संतुलन कमजोर पड़ा.
भले ही विराट और रोहित अब टेस्ट और टी-20 नहीं खेलते, लेकिन वनडे क्रिकेट में उनका अनुभव और क्लास टीम इंडिया के लिए अब भी बेहद जरूरी साबित हो रहा है.हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज और अब रांची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में दोनों ने अपने प्रदर्शन से साफ संकेत दे दिया कि टीम में उनकी मौजूदगी कितनी महत्वपूर्ण है.
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार 57 रन (51 गेंद) की पारी खेली। उन्होंने 5 चौके और 3 छक्के भी लगाए. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शतक और अर्धशतक लगाने के बाद रोहित ने एक बार फिर फॉर्म में लौटने का संकेत दिया। रोहित ने विराट कोहली के साथ लगातार दूसरे वनडे में शतकीय साझेदारी करते हुए 136 रन जुटाए.
दूसरी ओर, विराट कोहली ने साबित कर दिया है कि वह अभी भी वनडे क्रिकेट के असली किंग हैं। उन्होंने 102 गेंदों में 100 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 5 छक्के शामिल थे. ये उनके वनडे करियर का 52वां और 83वां इंटरनेशनल शतक है.
कोहली के खेल में आत्मविश्वास, टाइमिंग और स्ट्राइक रोटेशन का शानदार मिश्रण दिखाई दिया। उनकी इस पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.
अनुभव की अहमियत
विराट और रोहित के प्रदर्शन से स्पष्ट है कि मौजूदा समय में टीम इंडिया को वनडे फॉर्मेट में उनके अनुभव की भारी जरूरत है.टेस्ट और टी-20 से संन्यास के बावजूद, वनडे क्रिकेट में दोनों खिलाड़ियों का योगदान टीम को संतुलन और स्थिरता प्रदान करता है. उनकी वापसी और फॉर्म बीसीसीआई और टीम प्रबंधन के लिए राहत की बात है.
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