Trending News

लाल किले से पीएम मोदी का आर्थिक रोडमैप, मैन्युफैक्चरिंग से डिफेंस और ग्रीन इकोनॉमी तक पर फोकस; बोले- अब दुनिया के बाजार में छाना है

नई दिल्ली: भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया। उनके भाषण में देश की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता पर खास जोर रहा। पीएम मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग, खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक और नवाचार, गति-शक्ति, रक्षा उत्पादन, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी के साथ सॉफ्ट पावर को देश की सात प्रमुख शक्तियों के तौर पर सामने रखा।

सप्त धारा की 7 शक्तियों पर पीएम मोदी का जोर

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण के लिए जिन सात क्षेत्रों को अहम बताया, उनमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति-शक्ति, डिफेंस प्रोडक्शन, ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी तथा सॉफ्ट पावर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि देश को विकास की नई धारा के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।

मैन्युफैक्चरिंग में लागत, गुणवत्ता और पैमाने पर जोर

पीएम मोदी ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए तीन प्रमुख बातों पर ध्यान देने की जरूरत बताई। इनमें लागत, गुणवत्ता और पैमाना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए, क्योंकि यही भारतीय उत्पादों की ब्रांड वैल्यू तय करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि नए मुक्त व्यापार समझौतों के साथ भारत के पास बड़े वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने का अवसर है और देश को अपनी ताकत पर भरोसा करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

महंगे यूरिया और डीएपी का बोझ किसानों पर नहीं डाला

प्रधानमंत्री ने वैश्विक संकटों का जिक्र करते हुए कहा कि इनका असर भारत पर भी पड़ा है, लेकिन सरकार ने इसका बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने बताया कि वैश्विक बाजार में यूरिया की एक बोरी की कीमत 3000 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि भारतीय किसानों को यह 300 रुपये में दी जा रही है। इसी तरह डीएपी की कीमत वैश्विक बाजार में 5000 रुपये तक पहुंचने के बावजूद किसानों को इसे 1,250 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है।

गति-शक्ति से कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को मिलेगी रफ्तार

पीएम मोदी ने कहा कि गति-शक्ति के तहत देश में बिना बाधा तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर काम हो रहा है। उन्होंने हाई-स्पीड रेल, आधुनिक हाईवे, अंतर्देशीय जलमार्ग, एयरपोर्ट, बहु-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब और बंदरगाहों की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को बंदरगाह आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

डिफेंस प्रोडक्शन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को केवल अपनी जरूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनने का लक्ष्य रखना चाहिए।

दुनिया संसाधनों को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही: पीएम

पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा मुश्किल दौर में कुछ लोग अपना दबदबा कायम करने के लिए संसाधनों को हथियार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पेट्रोल, डीजल, उर्वरक, दवाइयों और तकनीकी चिप्स का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया में उपलब्ध अलग-अलग संसाधनों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में आत्मनिर्भरता के रास्ते पर बढ़ने से भारत ऐसी चुनौतियों का सामना करने के लिए पहले से बेहतर स्थिति में है और उसकी तैयारियां लगातार मजबूत हो रही हैं।

ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी में भारत के लिए बड़े अवसर

प्रधानमंत्री ने ग्रीन इकोनॉमी के तहत नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, हरित भंडारण और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत बताई। इसके साथ ही उन्होंने ब्लू इकोनॉमी में भी भारत के लिए बड़े अवसर होने की बात कही। ब्लू इकोनॉमी के तहत समुद्र, महासागर और तटीय संसाधनों का टिकाऊ और जिम्मेदार इस्तेमाल कर आर्थिक विकास, रोजगार और लोगों की आजीविका को मजबूत करने पर जोर दिया जाता है।

एमएसएमई के लिए वैश्विक बाजार का बड़ा मौका

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया अब भारत की क्षमताओं को पहचान रही है। उन्होंने बताया कि 2014 से भारत करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से एमएसएमई से इस अवसर का फायदा उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचना चाहिए और कपड़ा, मशीनरी तथा फार्मा जैसे क्षेत्रों के उत्पादों को दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में काम करना होगा।

योग से फिल्मों तक भारत की सॉफ्ट पावर पर जोर

प्रधानमंत्री ने भारत की सॉफ्ट पावर को भी आर्थिक और वैश्विक अवसर से जोड़ा। उन्होंने योग, आयुर्वेद, समग्र स्वास्थ्य सेवा, हस्तशिल्प, संस्कृति, फिल्मों, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल सामग्री को भारत की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि योग ने दुनिया को भारत से जोड़ा है और दुनिया भारत के वेव्स सम्मेलन को पहचानने लगी है। प्रधानमंत्री ने देश के 100 से ज्यादा राष्ट्रीय उद्यानों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अपनी सॉफ्ट पावर के जरिए विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने का अवसर रखता है।

vineet verma

Recent Posts

11,600mAh की बैटरी और बॉक्स में S Pen… Samsung ने उतारे दो धांसू फ्लैगशिप टैबलेट, कीमत भी जान लीजिए

नई दिल्ली: Samsung ने ग्लोबल बाजार में अपनी नई Galaxy Tab S12 सीरीज के दो…

6 minutes ago

एक देश, हर द्वीप पर नई दुनिया… सेशेल्स में समुद्र से लेकर विशाल कछुओं तक, हर मोड़ पर मिलेगा कुदरत का अनोखा नजारा

नई दिल्ली: लगातार काम और रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच कई बार ऐसा लगता है…

12 minutes ago

IND vs WI 2nd ODI: शुभमन गिल का महा-रिकॉर्ड, दोहरा शतक जड़कर भारत को दिलाई ऐतिहासिक जीत; तोड़ा सहवाग का रिकॉर्ड

गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे…

13 minutes ago

CEO ने कहा- ‘मालिक की तरह सोचो’, कर्मचारी ने पूछा- ‘तो 50% हिस्सेदारी देंगे?’ 5 बजते ही बैग उठाया और निकल गया

नई दिल्ली: दफ्तर में कर्मचारियों से ज्यादा जिम्मेदारी और समर्पण की उम्मीद करना आम बात…

18 minutes ago

दिन-रात बंद रहती है घर की खिड़की? वास्तु के मुताबिक बढ़ सकती हैं ये परेशानियां, जानें कब और कैसे खोलना माना जाता है शुभ

नई दिल्ली: घर में सुख-शांति और सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए लोग वास्तु के…

2 hours ago