मुंबई: बॉलीवुड में फिल्म ‘लेडीज वर्सेस रिकी बहल’ से करियर शुरू करने वाली परिणीति चोपड़ा जल्द ही इंडस्ट्री में 15 साल पूरे करने जा रही हैं। इस मौके पर उन्होंने अपने करियर के उतार-चढ़ाव और मुश्किल दौर को याद किया। परिणीति ने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब उनके पास कोई काम नहीं था और उन्हें घर बैठना पड़ा। वहीं करियर के दूसरे दौर में काम इतना ज्यादा था कि परिवार के लिए समय निकालना भी मुश्किल हो गया था।
एक्ट्रेस ने माना कि फिल्मी परिवार से नहीं होने के कारण करियर में की गई उनकी गलतियां भी लोगों के सामने ही आईं। उन्होंने गलत फिल्मों के चुनाव, खराब फैशन और गलत PR को अपनी यात्रा का हिस्सा बताया और कहा कि इन अनुभवों से उन्होंने काफी कुछ सीखा है। इसी बीच परिणीति ने नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘शक – ट्रस्ट नो वन’ से ओटीटी पर भी कदम रखा है।
‘शक – ट्रस्ट नो वन’ में सस्पेंस बनाए रखना था चुनौती
नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘शक – ट्रस्ट नो वन’ में परिणीति एक ऐसी मां की भूमिका निभा रही हैं, जो आठ साल से अपनी लापता बेटी की तलाश कर रही है। कहानी में उसे अपने ही परिवार के लोगों पर शक होता है।
अपने किरदार और सीरीज के अनुभव को लेकर परिणीति ने बताया कि सस्पेंस थ्रिलर में काम करना खास अनुभव रहा, क्योंकि इसमें अंत तक दर्शकों के बीच कातिल और घटना की वजह को लेकर उत्सुकता बनी रहती है। उन्होंने बताया कि सीरीज की शूटिंग काफी पहले हो चुकी थी, इसलिए कहानी के रहस्य को छिपाकर रखना भी जरूरी था।
परिणीति के मुताबिक, सेट पर भावनात्मक दृश्यों को समझने के लिए वह सोनी राजदान से बात करती थीं, जबकि कहानी की अलग-अलग कड़ियों को समझने में हरलीन सेठी ने उनकी मदद की।
‘स्ट्रेच मार्क्स मां बनने की ताकत का सबूत’
परिणीति खुद एक बेटे की मां हैं। उन्होंने उन सवालों पर भी खुलकर बात की, जिनमें नई मांओं के काम पर लौटने का समय तय करने की कोशिश की जाती है। उनका कहना है कि जब तक कोई महिला खुद ब्रेक नहीं मांगती, तब तक दूसरों को उसे यह सलाह नहीं देनी चाहिए कि उसे कब काम पर वापस लौटना चाहिए।
परिणीति ने कहा कि अगर जिम में जाकर एब्स दिखाना मेहनत का सबूत माना जाता है, तो बच्चे को जन्म देने के बाद शरीर पर आए स्ट्रेच मार्क्स भी मां बनने की ताकत का सबूत हैं। उनके मुताबिक, अगर कोई नई मां या गर्भवती महिला अपनी इच्छा से काम कर रही है तो इसमें किसी और को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
दूसरों के शरीर पर टिप्पणी करने पर भड़कीं परिणीति
कटरीना कैफ सहित कई अभिनेत्रियों के मां बनने के बाद वजन बढ़ने को लेकर होने वाली ट्रोलिंग पर भी परिणीति ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी को किसी दूसरे व्यक्ति की जिंदगी और शरीर पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
परिणीति के मुताबिक, बच्चे को जन्म देना किसी महिला के लिए बेहद मुश्किल अनुभव होता है। ऐसे में गर्भावस्था के नौ महीनों के बाद शरीर में आए बदलावों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना गलत है। उन्होंने कहा कि वह अपने शरीर पर मौजूद हर निशान को देखकर मुस्कुराती हैं और इस तरह की बातों पर अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहतीं।
‘75 साल की उम्र में रिटायर होकर बच्चा नहीं करूंगी’
कामकाजी मांओं के लिए बेहतर माहौल की जरूरत पर परिणीति ने कहा कि अगर निर्माताओं और कलाकारों के बीच पहले से बातचीत स्पष्ट हो तो काम और परिवार दोनों को संभाला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज की युवा कामकाजी महिलाएं करियर के साथ परिवार भी चाहती हैं। उनके मुताबिक, ऐसा नहीं हो सकता कि कोई महिला पहले 75 साल की उम्र तक सिर्फ करियर बनाए और फिर रिटायर होने के बाद बच्चा पैदा करने के बारे में सोचे।
परिणीति ने कहा कि महिलाओं को करियर और परिवार दोनों साथ चाहिए और इसके लिए काम की जगह पर समझदारी के साथ ऐसा माहौल बनाना जरूरी है, जिसमें बिना किसी अनावश्यक विवाद के दोनों चीजों को संभाला जा सके।