मुंबई: अभिनेत्री आलिया भट्ट इन दिनों अपनी फिल्मों और बयानों दोनों को लेकर चर्चा में हैं। एक ओर उनकी आगामी स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘अल्फा’ सुर्खियों में है, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने हालिया बातचीत में अपने करियर, सपनों और प्रिविलेज्ड बैकग्राउंड को लेकर खुलकर बात की। आलिया ने कहा कि उनका सफर अलग जरूर रहा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जिंदगी में चुनौतियां नहीं आतीं।
‘बचपन से तय था कि कैमरे के सामने ही रहना है’
आलिया ने बताया कि अभिनय का सपना उन्होंने बचपन में ही देख लिया था। फिल्मों में आने से पहले भी वह खुद को एक कलाकार की तरह महसूस करती थीं। उन्होंने कहा कि वह आईने के सामने एक्टिंग करती थीं और खुद को पर्दे पर देखने की कल्पना करती थीं।
उनके मुताबिक, बचपन से उनके मन में यही इच्छा थी कि एक दिन वह उस दुनिया का हिस्सा बनें जिसे वह टीवी पर देखा करती थीं। अभिनय उनके लिए कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि लंबे समय से देखा गया सपना था।
गोविंदा और करिश्मा कपूर के गानों से मिली प्रेरणा
आलिया ने बताया कि बचपन में उन्हें फिल्मों और गानों का काफी शौक था। वह अक्सर फिल्मी गाने देखती थीं और खुद को उसी दुनिया का हिस्सा मानकर सोचती थीं। इसी दौरान उनके अंदर अभिनय को लेकर गंभीर इच्छा पैदा हुई।
प्रिविलेज पर बोलीं- हर किसी की जिंदगी में मुश्किल वक्त आता है
फिल्मी परिवार से आने को लेकर आलिया ने साफ कहा कि वह मानती हैं कि उन्हें एक प्रिविलेज्ड माहौल मिला। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि सुविधाएं होने का मतलब यह नहीं कि जीवन में संघर्ष या खराब दिन नहीं आते।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में ऐसे पल आते हैं जब वह अच्छा महसूस नहीं करता। ऐसे समय में खुद पर भरोसा बनाए रखना और अपने सपनों को देखने का अधिकार याद रखना जरूरी होता है।
‘अल्फा’ को बताया ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक
अपनी अगली फिल्म ‘अल्फा’ पर बात करते हुए आलिया ने कहा कि यह सिर्फ एक किरदार नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति का प्रतीक है। उनके मुताबिक हर व्यक्ति के भीतर एक ऐसी ताकत होती है जो उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है और उसी पर भरोसा करना सबसे जरूरी है।
फिल्म 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।