Trending News

कैसे तय करते हैं डॉक्टर्स कि आपके पैर पर कितना वजन लटकेगा? जानिए ‘Traction’ के पीछे का साइंटिफिक सच

अस्पतालों के ऑर्थोपेडिक वार्ड का वो नज़ारा तो आपने देखा ही होगा मरीज बिस्तर पर है और उसके टूटे पैर से एक भारी पत्थर या लोहे का वजन लटका हुआ है। पहली बार देखने पर ये किसी पुरानी फिल्म का सीन या कोई अजीबोगरीब सजा लग सकती है, लेकिन यकीन मानिए, इसके पीछे की मेडिकल साइंस बहुत तगड़ी है।

इसे डॉक्टरी भाषा में कहते हैं ‘ट्रैक्शन’ (Traction)। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ये भारी वजन आपकी हड्डी जोड़ने के लिए क्यों ज़रूरी है।

क्यों लटकाया जाता है ये वजन?
जब हमारे शरीर की सबसे लंबी और मजबूत हड्डी, जिसे फीमर (Femur) या जांघ की हड्डी कहते हैं, टूटती है, तो शरीर का डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो जाता है। आसपास की ताकतवर मांसपेशियां इतनी ज़ोर से सिकुड़ती हैं कि टूटी हुई हड्डियां एक-दूसरे के ऊपर चढ़ जाती हैं।

यहीं पे काम आता है ये वजन। ये एक ‘काउंटर-फोर्स’ की तरह काम करता है, जो हड्डियों को खींचकर अपनी सही जगह यानि उन्हें अलाइनमेंट पर वापस लाता है।

ट्रैक्शन के ‘सुपरपावर्स’
हड्डी टूटने पर होने वाली मांसपेशियों की ऐंठन सबसे ज़्यादा दर्द देती है। खिंचाव इन मांसपेशियों को रिलैक्स कर देता है, जिससे दर्द बहुत हद तक कम हो जाता है| और अगर खिंचाव न दिया जाए, तो हड्डियां गलत तरीके से जुड़ सकती हैं, जिससे एक पैर दूसरे से छोटा हो सकता है। ट्रैक्शन इसे भी रोकने का काम करता है। और अगर सूजन ज़्यादा हो या सर्जरी में समय हो, तो ये तरीका पैरो को बिगड़ने से बचाती है।

‘देसी जुगाड़’ या मजबूरी?
आज के मॉडर्न अस्पतालों में पुली और खास वजन के सेट होते हैं। लेकिन दूर-दराज के इलाकों या इमरजेंसी में डॉक्टर आज भी ईंट या पत्थर का वजन इस्तेमाल करते हैं। क्योकि मेडिकल साइंस में वजन मायने रखता है, वो चीज़ नहीं जिससे वो वजन मिल रहा है। बस शर्त ये है कि वजन बिल्कुल सटीक होना चाहिए।

ये पूरी तरह से एक मेडिकल प्रोसीजर है। कभी भी किसी ‘हड्डी जोड़ने वाले’ या नीम-हकीम के चक्कर में आकर घर पर ऐसा एक्सपेरिमेंट न करें। खिंचाव का एंगल गलत हुआ, तो नसों को हमेशा के लिए नुकसान पहुँच सकता है।

news desk

Recent Posts

1 अगस्त से बदल गईं आपकी जेब से जुड़ी 5 बड़ी चीजें! LPG से लेकर ITR और तत्काल टिकट तक नए नियम लागू

नई दिल्ली: अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी…

1 hour ago

‘स्पाइडर-मैन’ का बॉक्स ऑफिस पर महाविस्फोट! सिर्फ 2 दिन में 100 करोड़ क्लब में एंट्री, ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ की कर ली बराबरी

नई दिल्ली: टॉम हॉलैंड की सुपरहीरो फिल्म 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' भारतीय बॉक्स ऑफिस पर…

2 hours ago

Cloudburst in Kishtwar: आधी रात बादल फटा, बाढ़ में बह गईं गाड़ियां… हाईवे बंद, 4 अगस्त तक भारी बारिश का बड़ा अलर्ट

जम्मू: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में शुक्रवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही मच…

2 hours ago

CWG 2026: भारत का अभियान आखिरी दौर में, 92 साल बाद सबसे निराशाजनक रैंक… जानिए किस खिलाड़ी ने दिलाया कौन-सा मेडल

नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का अभियान अपने अंतिम चरण में पहुंच गया…

2 hours ago

August Horoscope 2026: अगस्त में किस राशि पर बरसेगी किस्मत, किसे रहना होगा सावधान? मेष से मीन तक पढ़ें पूरे महीने का राशिफल

नई दिल्ली: अगस्त 2026 की शुरुआत कई बड़े ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ हो…

2 hours ago