Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला! अब देश में ‘पैदल चलना’ नागरिकों का मौलिक अधिकार, लापरवाही पर नगर निगमों पर होगी सख्त कार्रवाई
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला! अब देश में ‘पैदल चलना’ नागरिकों का मौलिक अधिकार, लापरवाही पर नगर निगमों पर होगी सख्त कार्रवाई
Trending Newsराज्य

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला! अब देश में ‘पैदल चलना’ नागरिकों का मौलिक अधिकार, लापरवाही पर नगर निगमों पर होगी सख्त कार्रवाई

news desk
Last updated: June 19, 2026 5:53 pm
news desk
Share
SHARE

सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार और बढ़ते ट्रैफिक के बीच सुप्रीम कोर्ट ने देश के पैदल यात्रियों के हक में एक बेहद ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों के किनारे बने फुटपाथों पर सुरक्षित चलना कोई सरकारी खैरात या सुविधा नहीं, बल्कि नागरिकों का ‘मौलिक अधिकार’ है। अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि सड़कों पर दौड़ने वाली चमचमाती गाड़ियों की तुलना में फुटपाथ पर चलने वाले राहगीरों का हक कहीं ज्यादा बड़ा और प्राथमिक है।

Contents
संविधान के तहत मिला कानूनी कवचनगर पालिकाओं और स्थानीय प्रशासन की तय हुई जवाबदेहीहादसे या लापरवाही पर सीधे प्रशासन से मिलेगा मुआवजाएक दर्दनाक हादसे ने हिलाकर रख दियाजल्द बन सकता है नया कानून

संविधान के तहत मिला कानूनी कवच


जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस चांदुरकर की पीठ ने इस अधिकार को सीधे देश के संविधान से जोड़ते हुए कहा कि ‘राइट टू वॉक’ “Right to Walk” संविधान के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों के अंतर्गत आता है:

अनुच्छेद 19(1)(d): देश के भीतर कहीं भी बिना किसी डर और बाधा के घूमने की आजादी।

अनुच्छेद 21: सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन जीने का अधिकार (Right to Life)।

नगर पालिकाओं और स्थानीय प्रशासन की तय हुई जवाबदेही

सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के शहरी विकास प्राधिकरणों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं और पंचायतों को उनके कानूनी कर्तव्य की याद दिलाई है। कोर्ट ने कहा कि: अगर कहीं कोई सड़क मौजूद है, तो वहां पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ होना ही चाहिए। फुटपाथ का सीमांकन करना, उसे अतिक्रमण मुक्त रखना और उसका सही रखरखाव करना स्थानीय प्रशासन की अनिवार्य कानूनी जिम्मेदारी है।

हादसे या लापरवाही पर सीधे प्रशासन से मिलेगा मुआवजा


इस फैसले की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी बात यह है कि कोर्ट ने ‘मुआवजे का अधिकार’ तय कर दिया है। अब तक सड़कों या फुटपाथों की खराबी से होने वाले हादसों में सिर्फ गाड़ियों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट “MV Act” के तहत कार्रवाई होती थी।

लेकिन अब, अगर प्रशासन फुटपाथ मुहैया नहीं कराता या उसकी लापरवाही जैसे खुला मैनहोल, अतिक्रमण या टूटा फुटपाथ के कारण किसी नागरिक के ‘चलने के अधिकार’ का उल्लंघन होता है या कोई दुर्घटना होती है, तो पीड़ित व्यक्ति सीधे नगर निगम या संबंधित प्रशासन के खिलाफ कानूनी कदम उठा सकता है और भारी मुआवजे की मांग कर सकता है।

एक दर्दनाक हादसे ने हिलाकर रख दिया


अदालत के सामने यह मामला एक बेहद दुखद हादसे के बाद आया। एक 5 साल का मासूम बच्चा अपने पिता के साथ स्कूल जा रहा था, लेकिन सड़क पर फुटपाथ न होने के कारण उसे मजबूरन मुख्य सड़क पर चलना पड़ा, जहां एक टैंकर ने उसे कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे पर गहरी चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ मुआवजे की राशि को बढ़ाकर 11.44 लाख रुपए किया, बल्कि प्रशासन की इस गंभीर लापरवाही को हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला भी किया।

जल्द बन सकता है नया कानून


पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट इस कदर गंभीर है कि उसने इस फैसले की कॉपी सीधे देश के लॉ कमीशन और संबंधित मंत्रालयों को भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि देश में राहगीरों के अधिकारों और सुरक्षा को जमीन पर लागू करने के लिए एक नया और मजबूत केंद्रीय कानून तैयार किया जाए।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Article 19, Article 21, Civic administration India, Footpath rights, Fundamental Rights India, Indian Constitution, IndianPressHouse, indianpresshouse news, Legal News, Municipal Corporation, Pedestrian Rights India, Public safety India, Right to Walk, Road safety India, Supreme Court India, Supreme Court judgment, Trending News, Urban development India
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article ‘ऑपरेशन टाइगर’ की आंच यूपी तक? तारिक अनवर बोले- ‘अखिलेश यादव की पकड़ मजबूत, यहां फेल होगा पाला बदलने का खेल’

फीचर

View More

बदलते नैरेटिव के बीच कैसे राष्ट्रीय राजनीति का मुख्य चेहरा बन गए राहुल गांधी?

भारतीय राजनीति में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी…

By news desk 4 Min Read

108 दिन की जंग, हजारों करोड़ का नुकसान… फिर उसी टेबल पर लौटे ट्रंप! ओबामा की डील रद्द कर आखिर अमेरिका ने ईरान से ऐसा क्या हासिल किया, जिस पर अब उठ रहे बड़े सवाल?

वॉशिंगटन: 108 दिनों तक चले खून-खराबे के बाद अमेरिका और ईरान के…

6 Min Read

चीन से निकला “Duanju” का वायरस अब भारत में! सोशल मीडिया पर रील्स को पछाड़कर मनोरंजन का नया बादशाह बना ‘माइक्रो ड्रामा’

आज के समय में लोगों के पास मनोरंजन के लिए पहले जितना…

5 Min Read

विचार

View More

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को लेकर एक वायरल पोस्ट…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

You Might Also Like

Trending Newsसियासी

‘ऑपरेशन टाइगर’ की आंच यूपी तक? तारिक अनवर बोले- ‘अखिलेश यादव की पकड़ मजबूत, यहां फेल होगा पाला बदलने का खेल’

महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़े भूचाल के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के…

2 Min Read
Trending Newsबाजार

गेमर्स का इंतजार हुआ खत्म! इस दिन से शुरू होगी GTA 6 की प्री-बुकिंग, रिलीज डेट भी हुई कंफर्म

गेमिंग इतिहास के सबसे बड़े धमाके की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। रॉकस्टार गेम्स “Rockstar Games” ने आखिरकार अपनी…

4 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

महाखुलासा: क्या अमेरिकी वैज्ञानिक की फंडिंग से चीन की लैब में बना था कोरोना? तुलसी गबार्ड के दावों से दुनिया हैरान!

वाशिंगटन। पूरी दुनिया को तबाह करने वाली कोरोना महामारी (Covid-19 Pandemic) की उत्पत्ति को लेकर अब तक का सबसे बड़ा…

5 Min Read
EntertainmentTrending News

‘Cocktail 2’ में दिखा Gen-Z का प्यार! पर क्या पुराना जादू जगा पाए शाहिद-कृति और रश्मिका?

साल 2012 में आई सैफ, दीपिका और डायना पेंटी की 'कॉकटेल' ने सभी के बीच दोस्ती और प्यार को लेकर…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?