नई दिल्ल। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया है कि पार्टी को अशोका होटल और रामलीला मैदान, दोनों जगह कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई। कांग्रेस 1 नवंबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रही है। वेणुगोपाल ने इस मामले में दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेता का दावा है कि पार्टी ने पहले अशोका होटल में कार्यक्रम करने की योजना बनाई थी, लेकिन वहां अनुमति नहीं मिली। इसके बाद रामलीला मैदान में आयोजन के लिए आवेदन किया गया।
वेणुगोपाल के मुताबिक, इस कार्यक्रम के लिए 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक की अवधि मांगी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि तैयारियों के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को टेंट लगाने से रोक दिया गया और इसकी वजह भी नहीं बताई गई।
रामलीला मैदान में कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने का आरोप
केसी वेणुगोपाल के अनुसार, कांग्रेस ने 1 नवंबर को मार्च और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई थी। इसके लिए रामलीला मैदान में 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक की अवधि के लिए अनुमति मांगी गई थी। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम की तैयारियों के लिए कार्यकर्ता पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि पार्टी को अनुमति नहीं दिए जाने के कारणों की जानकारी नहीं दी गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की ओर से अनुमति से जुड़े मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में अनुमति संबंधी विवाद पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।
‘मोदी-शाह के दबाव में लिया गया फैसला’
कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम की अनुमति रोकने के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका है। वेणुगोपाल ने दावा किया कि यह दिल्ली पुलिस का स्वतंत्र फैसला नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व के दबाव में लिया गया निर्णय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और चुनाव व्यवस्था में सुधार की मांग उठाना है। वेणुगोपाल के मुताबिक, जब तक ज्ञानेश कुमार को पद से नहीं हटाया जाता, पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी।
हालांकि, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस की भूमिका को लेकर लगाए गए ये आरोप कांग्रेस नेता के दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘दबाव के आगे नहीं झुकेगी कांग्रेस’
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी दिल्ली में किसी अन्य स्थान पर भी प्रदर्शन कर सकती है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी।
वेणुगोपाल ने मतदाता सूची से कथित तौर पर वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं और दूसरी तरफ चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले लोगों की आवाज रोकने की कोशिश हो रही है। ये आरोप भी कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन क्यों?
कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम की तैयारी कर रही है। पार्टी चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराना चाहती है। कांग्रेस का कहना है कि उसका आंदोलन चुनाव व्यवस्था में सुधार की मांग से जुड़ा है।
अब इस पूरे मामले में नजर दिल्ली पुलिस के आधिकारिक पक्ष और कांग्रेस के अगले कदम पर रहेगी। साथ ही यह भी देखना होगा कि पार्टी 1 नवंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम किस स्थान पर आयोजित करती है।