नई दिल्ली: फेस्टिव सीजन से पहले सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू सर्राफा बाजार तक सोने के भाव चढ़े हैं. शुक्रवार, 18 सितंबर को 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर करीब 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई. चांदी की कीमतों में भी उछाल आया है और एक किलो का भाव 2.36 लाख रुपये के पार निकल गया है. ऐसे में सवाल है कि क्या सोना इस साल जनवरी में बने अपने रिकॉर्ड स्तर को फिर छू पाएगा?
सोना और चांदी आज कितने महंगे हुए?
गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को सोने की कीमत में करीब 1,810 रुपये की तेजी दर्ज की गई. पिछले दिन 24 कैरेट सोने का भाव 1,51,233 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो बढ़कर 1,53,043 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.
चांदी में भी तेजी देखने को मिली. एक किलो चांदी की कीमत गुरुवार को 2,28,475 रुपये थी, जो शुक्रवार को बढ़कर 2,36,161 रुपये हो गई.
24, 22, 18 और 14 कैरेट सोने का ताजा भाव
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जारी रेटलिस्ट के मुताबिक, 18 सितंबर को सोने-चांदी के भाव इस तरह रहे:
- 24 कैरेट सोना: 1,53,658 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: 1,40,751 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट सोना: 1,15,244 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 14 कैरेट सोना: 89,890 रुपये प्रति 10 ग्राम
- चांदी: 2,36,161 रुपये प्रति किलोग्राम
MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या रहा सोने का भाव?
घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने की कीमत में तेजी दर्ज की गई. खबर में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, MCX पर सोने का भाव 1,170 रुपये बढ़कर 1,54,151 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.
वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमैक्स गोल्ड का भाव 4,379.99 डॉलर पर बताया गया है.
जनवरी के रिकॉर्ड से कितना नीचे है सोना?
इस साल सोने की कीमत एक समय 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई थी. इसके बाद वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच इसमें गिरावट आई और भाव करीब 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गया.
अब कीमतों में दोबारा तेजी दिख रही है. हालांकि, जनवरी में बने उच्चतम स्तर को पार करने के लिए सोने को मौजूदा भाव से आगे बढ़ना होगा. कीमतें आगे किस दिशा में जाएंगी, यह बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.
सोने की कीमतों में तेजी की वजह क्या है?
सोने की कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव के पीछे कई वैश्विक कारक बताए जा रहे हैं. फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के बाद शुरुआत में सोने पर दबाव दिखा था. हालांकि, इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों ने तेजी से वापसी की.
डॉलर इंडेक्स में गिरावट, वैश्विक ब्याज दरों में बदलाव, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव का असर भी सोने के भाव पर पड़ रहा है. इन कारकों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को समर्थन मिला है.