हर महीने 4 फीसदी रिटर्न और एक साल में मूल रकम लौटाने का किया था वादा, पैसे वापस नहीं मिलने पर ओलंपियन खिलाड़ी ने पुलिस से की शिकायत
गुजरात। देश के लिए खेल के मैदान में गोल्ड मेडल जीतकर पहचान बनाने वाली गुजरात की एथलीट सरिता गायकवाड़ कथित तौर पर धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। आरोप है कि रेत के कारोबार में निवेश के नाम पर उनसे 69.10 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपी ने उन्हें हर महीने चार फीसदी तक मुनाफा देने और एक साल के भीतर पूरी मूल रकम लौटाने का भरोसा दिलाया था। हालांकि, रकम मिलने के बाद कथित तौर पर वादे पूरे नहीं किए गए। काफी इंतजार के बाद सरिता ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है।
दोस्त के जरिए हुई थी आरोपी से पहचान
मामला गुजरात के डांग जिले का है। शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2024 में सरिता गायकवाड़ की मुलाकात नितिन भारती नाम के व्यक्ति से हुई थी। यह परिचय आहवा तालुका की गाढवी ग्राम पंचायत के सरपंच और सरिता के दोस्त जितेंद्रभाई के माध्यम से हुआ था। नितिन भारती तापी जिले के व्यारा तालुका स्थित बोरखड़ी गांव का निवासी बताया गया है।
आरोप है कि नितिन ने खुद को करोड़ों रुपये के रेत कारोबार से जुड़ा कारोबारी बताया और सरिता को इसमें निवेश करने का प्रस्ताव दिया। उसने दावा किया कि निवेश की गई रकम पर हर महीने चार फीसदी तक मुनाफा मिलेगा। साथ ही एक साल पूरा होने पर मूलधन भी वापस कर दिया जाएगा।
69.10 लाख रुपये किए ट्रांसफर, फिर शुरू हुआ इंतजार
शिकायत के अनुसार, आरोपी के भरोसे में आकर सरिता गायकवाड़ ने अलग-अलग ऑनलाइन लेन-देन के जरिए कुल 69.10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। उन्हें उम्मीद थी कि कारोबार से नियमित मुनाफा मिलेगा और तय समय पर उनकी पूरी रकम वापस हो जाएगी।
लेकिन आरोप है कि वादे के मुताबिक भुगतान नहीं हुआ। जब सरिता ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी की ओर से बार-बार आश्वासन दिए गए। हर बार रकम लौटाने की बात कही गई, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। लंबे समय तक इंतजार और कथित तौर पर लगातार टालमटोल के बाद सरिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
खेल की उपलब्धियों के बीच धोखाधड़ी का मामला चर्चा में
सरिता गायकवाड़ गुजरात की चर्चित एथलीट हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। अब उनके साथ निवेश के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद यह घटना चर्चा में है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच और आरोपों की पुष्टि किया जाना बाकी है।