गाजियाबाद के वसुंधरा पुलिस चौकी में विस्फोट के बाद सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन तहरीक-उल-मुजाहिदीन के नाम से जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। धमकी भरी पोस्ट के बाद यूपी पुलिस, ATS और साइबर सेल अलर्ट हैं। हालांकि, पोस्ट की सत्यता की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए संदिग्ध विस्फोट के बाद अब सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन का नाम सामने आया है। एक्स (X) पर ‘गाजी 2’ नाम के एक अकाउंट से पोस्ट कर प्रतिबंधित संगठन तहरीक-उल-मुजाहिदीन ने धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। इसी अकाउंट से पहले पुलिस चौकी को उड़ाने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई है।
सोशल मीडिया पर इस दावे के वायरल होते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। यूपी पुलिस, साइबर सेल और एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) पोस्ट की सत्यता, अकाउंट के संचालन और उसके पीछे मौजूद लोगों की पहचान करने में जुटे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि धमाके का आतंकी संगठन से कोई संबंध है या सोशल मीडिया के जरिए दहशत फैलाने की कोशिश की गई है।
धमाके के बाद आतंकी संगठन के नाम से पोस्ट, जांच में जुटी ATS
वसुंधरा पुलिस चौकी में विस्फोट के बाद ‘गाजी 2’ नाम के एक्स अकाउंट से किया गया पोस्ट जांच का अहम हिस्सा बन गया है। इस पोस्ट में प्रतिबंधित संगठन तहरीक-उल-मुजाहिदीन का नाम लेते हुए धमाके की जिम्मेदारी का दावा किया गया।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस अकाउंट की डिजिटल गतिविधियों, पोस्ट के समय और संभावित साइबर कनेक्शन की जांच कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अकाउंट के पीछे कौन है और क्या धमाके से पहले दी गई कथित धमकी का घटना से कोई सीधा संबंध है।
हालांकि, केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर किसी आतंकी संगठन की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की जा सकती। जांच एजेंसियां फॉरेंसिक साक्ष्यों और डिजिटल सबूतों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
रात 10 बजे पुलिस चौकी में हुआ जोरदार धमाका
चश्मदीदों के मुताबिक, घटना रात करीब 10 बजे हुई। वसुंधरा पुलिस चौकी के भीतर अचानक तेज विस्फोट हुआ। धमाके की आवाज आसपास के इलाकों तक सुनाई दी। विस्फोट का असर इतना अधिक था कि पुलिस चौकी के दरवाजे, खिड़कियां और एयर कंडीशनर (AC) क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना के समय चौकी के अंदर एक सब-इंस्पेक्टर और खाना डिलीवर करने आया 20 वर्षीय डिलीवरी बॉय विशाल मौजूद था। विस्फोट के दौरान टूटे शीशों के टुकड़े लगने से विशाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल दिल्ली के सूर्य नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
क्या विस्फोटक से किया गया था हमला? फॉरेंसिक जांच से खुलेगा राज
इंदिरापुरम के एसीपी सूर्यबली मौर्य के मुताबिक, पुलिस चौकी के भीतर अचानक विस्फोट हुआ था। धमाका किस उपकरण, विस्फोटक या सामग्री के कारण हुआ, इसका पता विस्तृत फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने और संदिग्ध अवशेष एकत्र किए हैं। इनकी जांच के आधार पर विस्फोट की प्रकृति और संभावित कारणों का पता लगाया जाएगा।
इसके साथ ही पुलिस चौकी और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि धमाके से पहले या बाद में घटनास्थल के आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि तो नहीं देखी गई।
पुलिस के सामने दो बड़ी चुनौतियां
वसुंधरा चौकी विस्फोट के बाद जांच एजेंसियों के सामने दो अहम सवाल हैं। पहला, धमाके की वास्तविक वजह क्या थी और क्या इसमें किसी विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ? दूसरा, सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन के नाम से जिम्मेदारी लेने का दावा करने वाला अकाउंट किसका है और उसका घटना से कोई संबंध है या नहीं?
फिलहाल जांच पूरी होने तक आतंकी हमले या किसी संगठन की संलिप्तता को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और साइबर जांच से ही इस पूरे मामले की असल तस्वीर सामने आ सकेगी।