राहुल गांधी के आवास पर जुटे कांग्रेस के दिग्गज नेता, डीके शिवकुमार से अशोक गहलोत और सचिन पायलट तक हुए शामिल, जीतू पटवारी ने किया बड़ा दावा- 2029 में प्रधानमंत्री बनेंगे राहुल गांधी
नई दिल्ली। कांग्रेस ने दिवाली के मौके पर अपने संगठन की एकजुटता दिखाने के साथ सियासी संदेश देने की कोशिश की है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर शुक्रवार को आयोजित ‘दिवाली मंगल मिलन’ कार्यक्रम में पार्टी के कई दिग्गज नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों, राज्यों के प्रभारियों, मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को खास बना दिया।
हालांकि, पार्टी नेताओं ने इसे दिवाली की खुशियां साझा करने का अवसर बताया, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इस जमावड़े को कांग्रेस की संगठनात्मक एकजुटता और भविष्य की रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। खासकर ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार और चुनावी व्यवस्था को घेर रहे हैं। ऐसे में पार्टी के शीर्ष नेताओं का एक साथ जुटना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
राहुल गांधी के आवास पर जुटे कांग्रेस के दिग्गज
दिवाली मिलन कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, सचिन पायलट, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कई वरिष्ठ नेता पहुंचे।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक, कुमारी सैलजा और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी कार्यक्रम का हिस्सा बने। पार्टी के वरिष्ठ और युवा नेताओं की मौजूदगी को संगठन में आपसी तालमेल और एकजुटता के संदेश के तौर पर देखा गया।
‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की आगे की रणनीति पर नजर
राहुल गांधी पिछले कुछ समय से चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। वह इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के साथ मिलकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
ऐसे में दिवाली मिलन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बीच इस अभियान को आगे बढ़ाने की संभावित रणनीति पर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, नेताओं की ओर से बैठक में किसी औपचारिक राजनीतिक चर्चा की पुष्टि नहीं की गई है।
सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर साधा निशाना
कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के कामकाज में अवैध और असंवैधानिक फैसले देखने को मिले हैं।
पायलट ने कहा कि देश को यह समझने की जरूरत है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन लोगों पर है, उन्होंने जनता को निराश किया है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी इस संबंध में कई बार ठोस प्रमाण सामने रख चुके हैं।
डीके शिवकुमार ने दिया एकजुटता का संदेश
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए लगातार काम करने वाले, उसके प्रति वफादार रहने वाले और संगठन के साथ खड़े रहने वाले कार्यकर्ताओं को मजबूत बनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि दिवाली का त्योहार सभी के साथ खुशियां बांटने का अवसर है। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच प्यार, एकता और शांति का माहौल हमेशा बना रहना चाहिए।
मुकुल वासनिक और कुमारी सैलजा ने क्या कहा?
कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक ने ‘दिवाली मंगल मिलन’ को वरिष्ठ और युवा नेताओं के एक साथ आने का अवसर बताया। उन्होंने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि लोगों का जीवन खुशियों और समृद्धि से भरे। साथ ही समाज में भाईचारा और आपसी प्रेम मजबूत हो।
वहीं, कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने राहुल गांधी की ओर से आमंत्रित किए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि दिवाली सभी के साथ खुशियां बांटने का त्योहार है और आने वाले समय में पार्टी के नेता मिलकर कड़ी मेहनत करेंगे।
राजेंद्र पाल गौतम बोले- आज कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई
कार्यक्रम को लेकर यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि इस दौरान कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। सभी ने साथ बैठकर चाय पी और दिवाली की खुशियां साझा कीं।
उन्होंने दिल्ली और आसपास के इलाकों में बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया। गौतम ने कहा कि केंद्र, दिल्ली और पड़ोसी राज्यों की सरकारों को एक साथ बैठकर विशेषज्ञों की मदद से प्रदूषण के वास्तविक कारणों की पहचान करनी चाहिए। इसके लिए ठोस रणनीति बनाना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस समस्या पर अधिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
जीतू पटवारी का बड़ा दावा- 2029 में प्रधानमंत्री बनेंगे राहुल गांधी
दिवाली मिलन कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने राहुल गांधी को लेकर 2029 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा बड़ा दावा किया।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस देश की एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो भारत के प्रेम, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की जिम्मेदारी निभाती है। उन्होंने कहा कि संघर्ष कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा रहा है और पार्टी का संकल्प है कि राहुल गांधी 2029 में देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।
दिवाली मिलन से कांग्रेस ने दिया क्या सियासी संदेश?
राहुल गांधी के आवास पर आयोजित यह कार्यक्रम भले ही त्योहार की खुशियां साझा करने के लिए था, लेकिन इसमें कांग्रेस के अलग-अलग राज्यों के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक संदेश भी दिया। एक तरफ पार्टी चुनावी प्रक्रिया और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर सरकार पर हमलावर है, तो दूसरी तरफ 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर उसके नेताओं के बयानों ने भविष्य की राजनीति की दिशा के संकेत दिए हैं।
अब देखना होगा कि दिवाली मिलन में दिखाई दी यह एकजुटता आने वाले दिनों में कांग्रेस के राजनीतिक अभियानों और संगठनात्मक गतिविधियों में किस तरह नजर आती है।