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नेपाल में फिर सड़कों पर उतरा Gen Z! UML समर्थकों के साथ झड़प के बाद आगजनी और तनाव, कई इलाकों में लगाया गया कर्फ्यू

नई दिल्ली. नेपाल के मधेश प्रदेश के बारा जिले में बुधवार को तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली. यहां Gen Z कार्यकर्ताओं और CPN-UML समर्थकों के बीच विवाद धीरे-धीरे उग्र हो गया और दोनों पक्षों में झड़पें हुईं. हिंसा के बढ़ते खतरे के कारण प्रशासन को सिमरा और आसपास के इलाकों में कर्फ्यू लागू करना पड़ा.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बड़ा हिंसक संघर्ष नेपाल के बारा जिले में Gen Z और CPN-UML कार्यकर्ताओं के बीच विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़का है . हालात को नियंत्रण में रखने के लिए कर्फ्यू लगाया गया, और बुद्धा एयरलाइंस ने काठमांडू–सिमरा मार्ग की सभी उड़ानें रद्द कर दीं।

नेपाली मीडिया के अनुसार, सिमरा चौक पर सुबह-सुबह लगभग 100–150 युवा एकत्र हुए और UML नेताओं के आगमन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया.

स्थिति तब बिगड़ गई जब UML समर्थक एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे और दोनों समूह आमने-सामने आ गए। शुरुआती झड़पें हल्की-फुल्की थीं, लेकिन बाद में यह हिंसक संघर्ष में बदल गई.

मामला इतना बिगड़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. जब युवक एयरपोर्ट की ओर बढ़ने लगे और हिंसक प्रदर्शन करने लगे, तो पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद जाकर स्थिति पर काबू पाया जा सका.

हालात बिगड़ने के कारण एयरपोर्ट पर फ्लाइट संचालन भी रोकना पड़ा. काठमांडू से आए UML केंद्रीय नेता ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया. प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ दिनभर स्थिति पर नजर रखता रहा और दोपहर 12:30 बजे से रात 8 बजे तक कर्फ्यू लागू किया. कर्फ्यू में त्रिभुवन हाईवे के दोनों ओर 500 मीटर और एयरपोर्ट क्षेत्र शामिल था.

बता दे कि नेपाल में पिछले कुछ सालों से युवा राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। विशेष रूप से Gen Z यानी नई पीढ़ी के कार्यकर्ता विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं.

वहीं CPN-UML (Communist Party of Nepal – Unified Marxist Leninist) नेपाल के प्रमुख राजनीतिक दलों में से एक है, जिनके समर्थक देशभर में राजनीतिक कार्यक्रम और रैलियों में भाग लेते हैं.

मधेश प्रदेश के बारा जिले में अक्सर राजनीतिक विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं, लेकिन हाल ही में युवा और UML समर्थकों के बीच बढ़ती तनातनी ने हिंसक झड़पों का रूप ले लिया. प्रशासन ने इससे पहले भी हिंसा रोकने के लिए कर्फ्यू और पुलिस कार्रवाई का सहारा लिया है. इस पृष्ठभूमि से समझा जा सकता है कि बुधवार की झड़प एक लंबी राजनीतिक तनाव श्रृंखला का हिस्सा है.

news desk

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