गोल्ड सिल्वर सुपर रैली करेक्शन
2025 में जिस तरह गोल्ड और सिल्वर ने झंडे गाड़े थे, वैसी रैली पिछले कई सालों में नहीं देखी गई थी। गोल्ड ETFs 50–53% तक और सिल्वर ETFs 50–54% तक रिटर्न दे रहे थे। लेकिन नवंबर के मिड से तस्वीर बदल गई है—दोनों में तगड़ा करेक्शन दिखने लगा है।
पिछले एक महीने में:
यानि जिसने अक्टूबर तक के चार्ट देख लिए थे, उसके लिए नवंबर थोड़ी निराशा लेकर आया.
1. प्रॉफिट बुकिंग ज़रूरी थी
जब गोल्ड $4200 और सिल्वर $55 पार कर चुके हों, और YTD रिटर्न 50%+ हो, तो मार्केट प्रॉफिट बुकिंग तो करेगा ही. वही हुआ.
2. Fed की ‘रेट कट’ वाली उम्मीदें ठंडी पड़ गईं
दिसंबर में रेट कट की संभावना 85% से घटकर 50–60% रह गई. Fed के टफ बयानों और स्ट्रॉन्ग US डेटा ने बॉन्ड यील्ड बढ़ा दी—गोल्ड-सिल्वर पर प्रेशर आ गया.
3. डॉलर स्ट्रॉन्ग, स्टॉक मार्केट में जोश
डॉलर मजबूत = गोल्ड महंगा
स्टॉक मार्केट में तेजी = सेफ-हेवन से पैसा निकलना
डबल इफेक्ट पड़ा.
4. जियोपॉलिटिक्स थोड़ा शांत
US–China में थोड़ी नरमी, कुछ क्षेत्रों में टेंशन कम—इससे गोल्ड की ‘सुरक्षित निवेश’ वाली मांग थोड़ी ठंडी पड़ी.
दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स: ₹1.18–1.19 लाख, सिल्वर: ₹1.50–1.55 लाख प्रति किलो
करेक्शन के बाद मार्केट थोड़ा स्टेबल मोड में.
लॉन्ग-टर्म में मार्केट अभी भी गोल्ड–सिल्वर के लिए बुलिश है. गोल्डमैन सैक्स, HSBC जैसे बड़े हाउस 2026 तक गोल्ड $5000+ और सिल्वर $60 तक पहुंचने की उम्मीद दे रहे हैं. सेंट्रल बैंक भारी गोल्ड खरीद रहे हैं. सिल्वर की मांग EVs और सोलर पैनल में लगातार बढ़ रही है.
लेकिन शॉर्ट-टर्म में दिसंबर की Fed मीटिंग मूवमेंट कराएगी — यानी थोड़ी उथल-पुथल और दिखेगी.
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