नई दिल्ली,19 अप्रैल 2026 : देशभर में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें आज भी स्थिर बनी हुई हैं। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 19 अप्रैल 2026 को कोई नया बदलाव नहीं किया है, जबकि पश्चिम एशिया (ईरान-अमेरिका-इजराइल) में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं।
प्रमुख शहरों में आज की कीमतें:
- नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77/लीटर, डीजल ₹87.67/लीटर
- मुंबई: पेट्रोल ₹103.54/लीटर, डीजल ₹90.03/लीटर
- कोलकाता: पेट्रोल ₹105.41/लीटर, डीजल ₹92.02/लीटर
- चेन्नई: पेट्रोल ₹100.84/लीटर (लगभग), डीजल ₹92.39/लीटर
- बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92/लीटर, डीजल ₹90.99/लीटर
- लखनऊ: पेट्रोल लगभग ₹94.69-94.84/लीटर, डीजल ₹87.80/लीटर
(कीमतें राज्य VAT, परिवहन लागत और स्थानीय टैक्स के कारण अलग-अलग शहरों में भिन्न हैं। पिछले कई दिनों से ज्यादातर शहरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।)
क्यों स्थिर हैं कीमतें?
वैश्विक स्तर पर कच्चा तेल (Indian Basket) लगभग USD 89-90 प्रति बैरल के आसपास है। पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत सरकार ने मार्च 2026 के अंत में पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10 प्रति लीटर की कटौती की थी। इससे उपभोक्ताओं को सीधा फायदा नहीं मिला, बल्कि तेल कंपनियों के घाटे को कम करने में मदद मिली।
सरकारी तेल कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) वर्तमान में प्रति लीटर पेट्रोल पर लगभग ₹18 और डीजल पर ₹35 का घाटा उठा रही हैं। अनुमान है कि रोजाना कुल ₹1,600 करोड़ का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद कंपनियां कीमतें नहीं बढ़ा रही हैं ताकि आम आदमी और महंगाई पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
प्रीमियम ईंधन और निजी कंपनियों पर असर
- सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन प्रीमियम पेट्रोल (XP95/XP100) और औद्योगिक डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
- प्रीमियम पेट्रोल में ₹2 से ₹2.35 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी देखी गई।
- निजी कंपनियां जैसे शेल इंडिया ने कुछ शहरों में दाम बढ़ाए हैं।
आगे क्या हो सकता है?
विश्लेषकों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं या हार्मुज स्ट्रेट में सप्लाई बाधित हुई तो भविष्य में कीमतों में संशोधन हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि राज्य चुनावों के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे पेट्रोल ₹125 प्रति लीटर तक पहुंच सकता है। हालांकि सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया है।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। कोई कमी नहीं है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
नियमित पेट्रोल-डीजल इस्तेमाल करने वालों को अभी राहत है, लेकिन लंबे समय तक वैश्विक संकट बने रहने पर प्रभाव पड़ सकता है। ईंधन बचत के उपाय अपनाएं: सही टायर प्रेशर, अनावश्यक एयर कंडीशनर का कम इस्तेमाल और कुशल ड्राइविंग।
CNG या इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ते कदम उपभोक्ताओं के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।