देश के अलग-अलग हिस्सों से नाबालिगों के साथ अपराध की सामने आई घटनाओं ने सार्वजनिक जगहों पर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास 17 वर्षीय किशोरी से कथित गैंगरेप के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है।
वहीं मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कोचिंग जा रही छात्रा के साथ कथित मारपीट का CCTV वीडियो सामने आया है। बिहार के जमुई में भी नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दिल्ली में पुलिसकर्मी बनकर नाबालिग से कथित गैंगरेप
दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी से कथित गैंगरेप का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, तीन आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर किशोरी और उसके 17 वर्षीय दोस्त को रोका था। आरोप है कि इसके बाद किशोरी को उसके दोस्त से अलग कर उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह एक आरोपी की लोकेशन मिलने के बाद टीम ने उसे अमर कॉलोनी इलाके में रोकने की कोशिश की।
पुलिस का दावा है कि आरोपी ने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई और आरोपी के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया और गिरफ्तार कर लिया गया। दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया है और मामले में POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं के तहत जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
ग्वालियर में कोचिंग जा रही छात्रा से कथित मारपीट
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के भितरवार थाना क्षेत्र में कोचिंग जा रही एक स्कूली छात्रा को बाइक सवार युवकों द्वारा कथित तौर पर रोकने और मारपीट करने का CCTV वीडियो सामने आया है।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने वीडियो के आधार पर युवकों की पहचान कर ली है और उनकी तलाश की जा रही है। घटना में छेड़छाड़ के आरोप भी सामने आए हैं, हालांकि छात्रा की ओर से पुलिस में शिकायत किए जाने की स्थिति को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं।
जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा को रास्ते में रोकने का आरोप
बिहार के जमुई में 19 सितंबर की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग छात्र और छात्रा को रास्ते में रोककर उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी की गई।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में FIR दर्ज की और जांच के लिए SIT गठित की। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे करीब सात लोगों की पहचान किए जाने की जानकारी दी है।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर नाबालिगों की पहचान उजागर करने वाले वीडियो के प्रसार को रोकने के लिए भी कार्रवाई शुरू की है। मामले में POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है।
तीनों घटनाओं में एक जैसी चुनौती
दिल्ली, ग्वालियर और जमुई की घटनाएं अलग-अलग राज्यों की हैं और इनका कानूनी व परिस्थितिजन्य संदर्भ भी अलग है। लेकिन तीनों मामलों में नाबालिगों को सार्वजनिक या रास्ते में निशाना बनाए जाने के आरोप सामने आए हैं। दिल्ली में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, ग्वालियर में CCTV के आधार पर पुलिस जांच कर रही है और जमुई में तीन गिरफ्तारियों के साथ SIT जांच आगे बढ़ रही है।
इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ नाबालिग पीड़ितों की पहचान और उनकी निजता की सुरक्षा को लेकर भी सवाल अहम हो गए हैं। जमुई मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो के प्रसार के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी है।
फिलहाल तीनों मामलों में जांच जारी है और संबंधित पुलिस एजेंसियां आरोपियों की भूमिका, घटना की पूरी परिस्थितियों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।