नई दिल्ली: शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए प्रोटीन सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक माना जाता है। यह मांसपेशियों के निर्माण, ऊतकों की मरम्मत और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन अनियमित खानपान, फास्ट फूड और असंतुलित डाइट के कारण आज बड़ी संख्या में लोग अनजाने में प्रोटीन की कमी का शिकार हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, प्रोटीन की कमी की शुरुआत अक्सर सामान्य लक्षणों से होती है। यदि समय रहते इन संकेतों को नजरअंदाज किया जाए तो आगे चलकर यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और नियमित व्यायाम करने वाले लोगों को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना विशेष रूप से जरूरी माना जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक प्रोटीन मांसपेशियों की वृद्धि और उनकी मरम्मत के लिए जरूरी होता है। शरीर में इसकी कमी होने पर धीरे-धीरे मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। इसका असर ताकत पर पड़ता है और व्यक्ति को सामान्य काम करते समय भी जल्दी थकान महसूस हो सकती है। लंबे समय तक कमी बनी रहने पर मसल्स लॉस का खतरा भी बढ़ जाता है।
बाल और नाखून मुख्य रूप से प्रोटीन से बने होते हैं। ऐसे में शरीर में इसकी कमी का असर सबसे पहले इन्हीं पर दिखाई दे सकता है। बाल बेजान होकर झड़ने लगते हैं, जबकि नाखून पतले, कमजोर और जल्दी टूटने लगते हैं।
प्रोटीन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर एंटीबॉडी बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे व्यक्ति को बार-बार सर्दी, खांसी, वायरल संक्रमण और अन्य बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
नई कोशिकाओं के निर्माण और क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत में प्रोटीन की अहम भूमिका होती है। यदि शरीर में इसकी पर्याप्त मात्रा नहीं है, तो किसी भी चोट या घाव को भरने में सामान्य से अधिक समय लग सकता है।
लगातार कमजोरी, ऊर्जा की कमी और शरीर में सुस्ती महसूस होना भी प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है। यदि संतुलित आहार लेने के बावजूद ऐसी समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना के भोजन में प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना सबसे जरूरी है। इसके लिए दाल, राजमा, छोले, सोयाबीन, दूध, दही, पनीर और छाछ का नियमित सेवन किया जा सकता है।
इसके अलावा अंडा, मछली और चिकन जैसे उच्च प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ संतुलित मात्रा में लिए जा सकते हैं। बादाम, मूंगफली, कद्दू के बीज और चिया सीड्स जैसे हेल्दी स्नैक्स भी प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने में मदद करते हैं। हर भोजन में प्रोटीन का कम से कम एक स्रोत जरूर शामिल करना चाहिए।
यदि शरीर में प्रोटीन की कमी अधिक हो, तो किसी भी सप्लीमेंट का इस्तेमाल डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
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