Latest News

हर 5 में से 1 भारतीय महिला PMOS की चपेट में! तेजी से बढ़ रहे मामले, जानिए क्यों बढ़ रही है यह हार्मोनल बीमारी

नई दिल्ली: भारत में महिलाओं के बीच हार्मोन से जुड़ी समस्या PMOS तेजी से बढ़ती चिंता बनती जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह केवल ओवरी से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि पूरे शरीर के हार्मोन और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करने वाला विकार है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश में हर पांच में से एक महिला किसी न किसी रूप में PMOS से प्रभावित बताई जा रही है।

पहले इस बीमारी को पीसीओएस के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब इसे PMOS के रूप में पहचाना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या इंसुलिन नियंत्रण, प्रजनन क्षमता, हृदय स्वास्थ्य, नींद, मानसिक स्वास्थ्य और शरीर की कई अन्य प्रणालियों को प्रभावित कर सकती है।

भारत में क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं PMOS के मामले?

द लैंसेट में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में लगभग हर आठ में से एक महिला PMOS से प्रभावित है। वहीं भारत में इसकी स्थिति अधिक गंभीर मानी जा रही है, जहां हर पांच में से एक महिला इस समस्या का सामना कर रही है।

स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार, 25 वर्ष से कम उम्र की लगभग हर पांच में से एक युवती किसी न किसी रूप में PMOS से प्रभावित है, जबकि वैश्विक स्तर पर इसके मामले करीब 8 से 13 प्रतिशत के बीच हैं।

इन वजहों से बढ़ रहा है खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस के पहले से अधिक मामलों के कारण PMOS का जोखिम भी बढ़ा है। इसके अलावा तेजी से बदलती जीवनशैली, प्रोसेस्ड फूड का बढ़ता सेवन, शारीरिक गतिविधियों में कमी और लगातार बढ़ता तनाव भी इस समस्या को बढ़ावा दे रहे हैं।

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अब पहले की तुलना में अधिक महिलाएं पीरियड्स और हार्मोन संबंधी समस्याओं के लिए डॉक्टर से सलाह लेने लगी हैं। इससे भी PMOS के अधिक मामलों की पहचान हो रही है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी जागरूकता की कमी के कारण कई महिलाओं का समय पर सही निदान नहीं हो पाता।

कम उम्र की लड़कियां भी हो रही हैं प्रभावित

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि परिवार में डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस का इतिहास रहा हो तो PMOS होने की आशंका बढ़ सकती है। उनका मानना है कि पूरे भारत में इसकी व्यापकता करीब 10 प्रतिशत हो सकती है, जबकि बड़े शहरों में यह आंकड़ा 25 से 40 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

विशेषज्ञ इसके लिए शहरी जीवनशैली, कम नींद, बढ़ते तनाव और अनियमित दिनचर्या को प्रमुख कारण मानते हैं।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

PMOS की समय पर पहचान होने पर इसके लक्षणों को नियंत्रित करने के साथ भविष्य में होने वाली कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी कम किया जा सकता है।

यदि ये लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है—

  • मासिक धर्म का अनियमित होना या कई महीनों तक पीरियड्स न आना
  • बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से वजन बढ़ना
  • लंबे समय तक मुंहासे बने रहना
  • चेहरे या शरीर पर जरूरत से ज्यादा बाल आना
  • गर्भधारण करने में कठिनाई
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस के संकेत, जैसे गर्दन या बगल की त्वचा का काला पड़ना

विशेषज्ञों ने दी समय पर इलाज की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि PMOS का इलाज हमेशा योग्य गायनोकोलॉजिस्ट या एंडोक्राइनोलॉजिस्ट की देखरेख में ही कराया जाना चाहिए। हर महिला में इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं और केवल अनियमित पीरियड्स होने का मतलब हमेशा PMOS नहीं होता।

जागरूकता बढ़ाना क्यों है जरूरी?

विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरियों को मासिक धर्म और हार्मोनल स्वास्थ्य से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी देना बेहद जरूरी है। माता-पिता को भी अपनी बेटियों के साथ इस विषय पर खुलकर बातचीत करनी चाहिए, ताकि शुरुआती लक्षणों की समय रहते पहचान हो सके। साथ ही छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्यकर्मियों को भी PMOS की पहचान और समय पर उपचार के लिए प्रशिक्षित किए जाने की जरूरत है।

vineet verma

Recent Posts

संसद का ‘अंतिम हफ्ता’: FCRA और परिसीमन बिल पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने, कांग्रेस ने जारी किया 3 दिनों का व्हिप

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा सप्ताह सरकार और विपक्ष के बीच भारी…

13 hours ago

RSS-Gen Z संवाद पर राज ठाकरे का बड़ा हमला: “मोहन भागवत ने देर कर दी, BJP की अंदरूनी कलह से भड़का NEET का गुस्सा”

नासिक। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के…

14 hours ago

विजय-संगीता तलाक विवाद पर विराम: याचिका वापस, CM विजय की पर्सनल लाइफ पर उठे सवाल थमे

तृषा संग नाम जुड़ने की अटकलों के बीच बड़ा मोड़, चेंगलपट्टू कोर्ट में मामला बंद;…

14 hours ago

सैटेलाइट इंटरनेट का मैदान और भारत का नया ‘रेगुलेटरी शील्ड’! स्टारलिंक-कुइपर की राह क्या होगी अब आसान

आसमान से हाई-स्पीड इंटरनेट देने की रेस अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुकी…

15 hours ago

परिसीमन पर सियासी संग्राम: महिला आरक्षण से जोड़ने पर केंद्र घिरा, डीएमके ने सख्त रुख दोहराया

केंद्र सरकार की ओर से परिसीमन विधेयक को दोबारा लाने के संकेत मिलते ही देश…

15 hours ago