खेल के मैदान से एक बार फिर कोच सुर स्टूडेंट के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाला बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। पुलिस ने एक फुटबॉल कोच को अपनी ही टीम की एक नाबालिग खिलाड़ी के साथ पिछले 3 साल से दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी कोच पर आरोप है कि उसने पीड़िता को खेल जगत में एक बड़ा मुकाम दिलाने और उसका स्पोर्ट्स करियर संवारने का झूठा झांसा देकर इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया।
करियर चमकाने का दिया झांसा
पुलिस के अनुसार, पीड़िता एक उभरती हुई फुटबॉल खिलाड़ी है और आरोपी कोच के पास ट्रेनिंग ले रही थी। आरोपी ने लड़की की खेल के प्रति लगन का फायदा उठाया। उसने पीड़िता को भरोसा दिलाया कि वह अपनी ऊंची पहुंच और ट्रेनिंग के दम पर उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा। इस सुनहरे भविष्य और करियर का झांसा देकर आरोपी पिछले 3 साल से नाबालिग का लगातार यौन उत्पीड़न कर रहा था।
धमकी और डर के साए में कटी जिंदगी
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कोच खिलाड़ी को मुंह बंद रखने के लिए लगातार डराता-धमकाता भी था। वह कहता था कि अगर उसने इस बारे में किसी को भी बताया, तो वह उसका खेल करियर पूरी तरह बर्बाद कर देगा और उसे कभी किसी टीम में खेलने का मौका नहीं मिलेगा। करियर टूटने के इसी डर के कारण पीड़िता लंबे समय तक चुपचाप इस प्रताड़ना को सहती रही।
जांच अधिकारी का कहना है की “आरोपी ने पीड़िता के सीधेपन और उसके खेल के प्रति जुनून का गलत फायदा उठाया। डरा-धमकाकर वह पिछले तीन सालों से उसका शोषण कर रहा था।”
पुलिस की कार्रवाई
घिनौने कृत्य की हद पार होने के बाद, आखिरकार पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और अपने परिवार को आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने बिना देरी किए मुस्तैदी दिखाई और आरोपी कोच के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और POCSO Act के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पीड़िता को हर संभव कानूनी और मानसिक संबल दिया जा रहा है, और आरोपी के खिलाफ कोर्ट में सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों को पीड़िता के सहपाठियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने और खेल अकादमियों में महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा को और मजबूत करने की मांग की है।