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Rain Driving Tips: मूसलाधार बारिश में भी नहीं जमेगी कार के शीशे पर धुंध, 30 से 60 सेकंड का यह आसान तरीका बना देगा सफर सुरक्षित

नई दिल्ली: मानसून के दौरान कार चलाते समय विंडशील्ड और खिड़कियों पर धुंध जमना एक आम लेकिन गंभीर समस्या है। शीशों पर धुंध की परत बनने से सड़क साफ दिखाई नहीं देती, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार, एक आसान तरीका अपनाकर महज 30 से 60 सेकंड में इस समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।

बारिश के मौसम में कार के अंदर नमी का स्तर बढ़ जाता है। बाहर का तापमान कम और केबिन के अंदर की हवा अपेक्षाकृत गर्म होने के कारण पानी की भाप शीशों पर जमने लगती है। यही वजह है कि विंडशील्ड और साइड ग्लास धुंधले दिखाई देने लगते हैं।

30 से 60 सेकंड में ऐसे हटाएं शीशों की धुंध

विशेषज्ञों के मुताबिक, कार स्टार्ट करने के बाद सबसे पहले 30 से 60 सेकंड के लिए खिड़कियां हल्की खोल दें, ताकि केबिन के अंदर मौजूद नमी वाली हवा बाहर निकल सके। इसके बाद सभी खिड़कियां बंद कर दें और एयर कंडीशनर को ‘फ्रेश एयर’ मोड पर चलाएं।

इसके साथ तापमान को थोड़ा गर्म रखते हुए हीटर चालू करें। एसी और हीटर का एक साथ इस्तेमाल करने से शीशों पर जमी नमी तेजी से खत्म होती है और कुछ ही समय में विंडशील्ड पूरी तरह साफ हो जाती है।

डिफॉगर फीचर हो तो काम और आसान

अगर आपकी कार में डिफॉग या डिफॉस्ट फीचर मौजूद है, तो इसका इस्तेमाल करें। यह सिस्टम अपने आप एसी और हीटर की सेटिंग को संतुलित कर शीशों पर जमी धुंध को तेजी से हटाने में मदद करता है।

यह गलती करने से बचें

बारिश के दौरान कार के हीटर को रीसर्क्युलेशन मोड में चलाना सही नहीं माना जाता। इस मोड में केबिन की वही नमी वाली हवा बार-बार अंदर घूमती रहती है, जिससे शीशों पर धुंध और तेजी से जम सकती है। इसलिए मानसून में हमेशा फ्रेश एयर मोड का ही इस्तेमाल करें।

एसी और हीटर साथ में क्यों करते हैं बेहतर काम?

एसी हवा में मौजूद अतिरिक्त नमी को कम करता है, जबकि हीटर हवा को गर्म करता है। दोनों सिस्टम एक साथ काम करते हैं तो विंडशील्ड पर जमा नमी तेजी से भाप बनकर उड़ जाती है। इससे ड्राइवर को सड़क साफ दिखाई देती है और ड्राइविंग अधिक सुरक्षित हो जाती है।

बारिश में हादसों का खतरा क्यों बढ़ जाता है?

मानसून में सड़क पर पानी भरने, फिसलन बढ़ने और विजिबिलिटी कम होने की वजह से दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। टायरों की सड़क पर पकड़ कमजोर हो जाती है और सामने का दृश्य भी स्पष्ट नहीं दिखता, जिससे समय पर प्रतिक्रिया देना मुश्किल हो सकता है।

अगर पानी में कार बंद हो जाए तो क्या करें?

विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि पानी भरे रास्ते में कार बंद हो जाए तो तुरंत इंजन स्टार्ट करने की कोशिश न करें। ऐसा करने से इंजन में हाइड्रोलॉक की समस्या आ सकती है और गंभीर नुकसान हो सकता है।

सबसे पहले एयर कंडीशनर बंद करें और कुछ समय इंतजार करें। यदि संभव हो तो वाहन को सुरक्षित और ऊंची जगह पर ले जाएं। पानी से बाहर निकलने के बाद ब्रेक को धीरे-धीरे दबाकर सुखाएं। जरूरत पड़ने पर मैकेनिक से संपर्क करें और अपनी बीमा कंपनी को भी तुरंत सूचना दें।

 

vineet verma

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