नई दिल्ली: आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स आज के समय में एक आम समस्या बन चुके हैं। ये न सिर्फ चेहरे की चमक कम कर देते हैं, बल्कि व्यक्ति को थका हुआ और उम्र से अधिक बड़ा भी दिखा सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक डार्क सर्कल्स केवल नींद की कमी की वजह से नहीं होते, बल्कि इसके पीछे कई शारीरिक और जीवनशैली से जुड़े कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, व्यस्त दिनचर्या, तनाव, प्रदूषण, खराब खानपान और लगातार स्क्रीन देखने की आदत आंखों के नीचे की नाजुक त्वचा को प्रभावित करती है। यही वजह है कि डार्क सर्कल्स और आंखों के नीचे सूजन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
किन कारणों से पड़ते हैं आंखों के नीचे काले घेरे?
विशेषज्ञों के अनुसार डार्क सर्कल्स बनने के कई कारण हो सकते हैं। बढ़ती उम्र के साथ आंखों के आसपास की त्वचा पतली होने लगती है, जिससे रक्त वाहिकाएं अधिक दिखाई देने लगती हैं। इसके अलावा एलर्जी, एक्जिमा, आनुवंशिक कारण, बार-बार आंखें रगड़ना, शरीर में पानी की कमी, पर्याप्त नींद न लेना, लंबे समय तक धूप में रहना और एनीमिया जैसी स्थितियां भी इस समस्या को बढ़ा सकती हैं।
डार्क सर्कल्स कम करने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेना सबसे जरूरी है। इसके साथ ही मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल सीमित करना चाहिए ताकि आंखों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन का उपयोग करने से त्वचा को नुकसान से बचाया जा सकता है। इसके अलावा आंखों पर कुछ मिनट के लिए ठंडे खीरे के टुकड़े या ग्रीन टी बैग रखने से भी आंखों को आराम मिल सकता है और सूजन कम करने में मदद मिल सकती है।
घरेलू उपाय भी दे सकते हैं राहत
विशेषज्ञों के मुताबिक आलू के रस में प्राकृतिक ब्लीचिंग गुण पाए जाते हैं, जो नियमित इस्तेमाल से डार्क सर्कल्स को हल्का करने में सहायक हो सकते हैं। वहीं विटामिन-ई से भरपूर बादाम का तेल आंखों के आसपास की त्वचा को पोषण और नमी देता है। रात में सोने से पहले हल्के हाथों से इसकी मालिश करने से फायदा मिल सकता है।
जीवनशैली में बदलाव भी है जरूरी
धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन त्वचा की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसलिए इन आदतों से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है। साथ ही शरीर में पर्याप्त पानी बनाए रखना और संतुलित आहार लेना भी डार्क सर्कल्स की समस्या को कम करने में मददगार हो सकता है।
सोने का तरीका भी डालता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर को थोड़ा ऊंचा रखकर सोने से आंखों के नीचे तरल पदार्थ जमा होने की संभावना कम रहती है। इससे सुबह उठने पर सूजन कम दिखाई देती है। पर्याप्त आराम, तनाव पर नियंत्रण और सही स्किन केयर के साथ डार्क सर्कल्स की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
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