मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शिक्षा, अध्यात्म और भरोसे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गोवर्धन थाना क्षेत्र में पुलिस ने खुद को धर्मगुरु बताने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर उच्च शिक्षित युवतियों को अपने प्रभाव में लेकर उनका कथित शोषण करने का आरोप है। पुलिस की कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने हर किसी को हैरान कर दिया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान अभिषेक उर्फ आदिकर्ता नारायण दास के रूप में हुई है। वह मूल रूप से ओडिशा के भुवनेश्वर का रहने वाला बताया गया है। जांच में सामने आया है कि उसने वर्ष 2017 से 2021 के बीच आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी।
बताया जा रहा है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह पिछले करीब चार वर्षों से गोवर्धन के राधाकुंड क्षेत्र में साधु के वेश में रह रहा था। इसी दौरान उसने धार्मिक गतिविधियों और ऑनलाइन प्रवचनों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई।
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया और ऑनलाइन धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए युवतियों से संपर्क स्थापित करता था। श्रीमद्भगवद्गीता और आध्यात्मिक विषयों पर प्रवचन देकर वह लोगों का विश्वास जीतता था।
आरोप है कि विशेष रूप से उच्च शिक्षित और पेशेवर पृष्ठभूमि से आने वाली युवतियों को वह अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता था। धीरे-धीरे उन्हें अपने समूह से जोड़कर मानसिक रूप से प्रभावित करने का प्रयास किया जाता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से युवतियों को आध्यात्मिक तर्क देकर तथाकथित ‘गंधर्व विवाह’ की अवधारणा समझाता था। पुलिस का आरोप है कि इसी बहाने वह उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था।
इसके अलावा युवतियों को भावनात्मक रूप से प्रभावित कर उनके परिजनों से धन मंगवाने के आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से कई युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो मिलने का दावा किया है, जिनकी जांच की जा रही है।
मामले में एक युवती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बलात्कार सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आश्रम से तीन युवतियों को भी बाहर निकाला है। उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है और मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार यह पहला मौका नहीं है जब आरोपी की गतिविधियों को लेकर सवाल उठे हों। करीब छह महीने पहले भी एक युवती के परिजनों ने उसे आश्रम से वापस ले जाने का प्रयास किया था, जिसके दौरान विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी।
बताया जा रहा है कि पहले इस आश्रम में करीब दो दर्जन युवक-युवतियां रहते थे। हालांकि समय के साथ कई लोग वहां से चले गए। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के संपर्क में और कितने लोग आए थे।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है। उसका कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं और उसे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
गोवर्धन थाना पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं और भी कोई पीड़ित या शिकायतकर्ता तो सामने नहीं आ सकता। फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
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