Trending News

Sonam Wanghchuk News: ‘जब देश के राष्ट्रपति सरकारी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं तो…’ सोनम वांगचुक को मेदांता शिफ्ट करने की मांग पर दिल्ली HC में भिड़ी सरकार!

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे लद्दाख के मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की सेहत बिगड़ने के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट में उनकी पत्नी गीतांजलि एंगमो की याचिका पर एक हाई-वोल्टेज सुनवाई हुई। वांगचुक को प्राइवेट हॉस्पिटल ‘मेदांता’ (Medanta) शिफ्ट करने की मांग पर सरकार और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जहां सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए राष्ट्रपति का उदाहरण दे डाला।


दिल्ली हाई कोर्ट की सुनवाई की 5 सबसे बड़ी बातें (Key Highlights)

  • ‘राष्ट्रपति भी सरकारी अस्पताल जाते हैं’: सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने दलील दी कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे राष्ट्रपति भी सरकारी अस्पताल से ही इलाज कराते हैं, इसलिए सफदरजंग का इलाज पर्याप्त है।
  • कपिल सिब्बल का पलटवार: वांगचुक का पक्ष रख रहे दिग्गज वकील कपिल सिब्बल ने साफ कहा— “यह उनका शरीर है, यह हम तय करेंगे कि उन्हें किस डॉक्टर या प्राइवेट हॉस्पिटल में अपनी पसंद का इलाज कराना है।”
  • किडनी खराब होने का था खतरा: सरकार ने कोर्ट को बताया कि उमस भरे मौसम में 18 दिनों से ज्यादा उपवास के कारण वांगचुक के शरीर में पोटैशियम का स्तर खतरनाक रूप से गिर गया था, जिससे उनकी किडनी फेल हो सकती थी।
  • दवा लेने से वांगचुक का इनकार: कोर्ट में पेश हुए एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों ने खुलासा किया कि सोनम वांगचुक शुगर या विटामिन वाली कोई भी ओरल दवा और ड्रिंक लेने से लगातार मना कर रहे हैं।
  • सफदरजंग पर वकीलों को आपत्ति: याचिकाकर्ता के वकीलों का आरोप है कि सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक को पूरी तरह आइसोलेट कर दिया गया है, जहां न तो उनके डॉक्टरों और न ही वकीलों को उनसे मिलने दिया जा रहा है।


18 दिन का उपवास और ‘कीटोसिस’ का खतरा

दिल्ली हाई कोर्ट ने जब सरकार से पूछा कि वांगचुक को जबरन धरना स्थल से अस्पताल ले जाने की क्या मजबूरी थी, तो ASG ने उनकी गंभीर मेडिकल रिपोर्ट सामने रख दी।

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) की दलील: “इतने लंबे उपवास के कारण वांगचुक के शरीर में डिहाइड्रेशन और कीटोसिस (Ketosis – शरीर में फैट बर्न होने की खतरनाक स्थिति) बन रही थी। देश के किसी भी दूसरे नागरिक की तरह उन्हें भी हमारे सरकारी डॉक्टरों और व्यवस्था पर भरोसा रखना चाहिए। उनके ब्लड टेस्ट एम्स, सफदरजंग और महाजन जैसी प्रतिष्ठित लैब्स से कराए गए हैं, जिन पर शक की कोई गुंजाइश नहीं है।”


प्राइवेसी और पसंद के अधिकार पर छिड़ी बहस

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि की तरफ से कोर्ट में मांग की गई कि उन्हें तुरंत मेदांता शिफ्ट करने की इजाजत दी जाए और वे खुद अपनी प्राइवेट एम्बुलेंस का खर्च उठाने को तैयार हैं। वकीलों का कहना है कि सफदरजंग में उनके साथ क्या हो रहा है, इसकी कोई पारदर्शी जानकारी बाहर नहीं आ रही है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के पहले के निर्देशों का पालन करना होगा और डॉक्टरों की सख्त निगरानी में रहना होगा।

लद्दाख की स्वायत्तता और पर्यावरण की मांग को लेकर शुरू हुआ सोनम वांगचुक का यह आंदोलन अब दिल्ली की अदालतों में ‘राइट टू हेल्थ’ और ‘पसंद के डॉक्टर’ के कानूनी अधिकारों की जंग में तब्दील हो चुका है। अब देखना यह है कि हाई कोर्ट वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल शिफ्ट करने की अनुमति देता है या वे सफदरजंग में ही उपचाराधीन रहेंगे।

news desk

Recent Posts

Reliance Jio Platforms IPO: खुलते ही मची लूट, 1 घंटे में 83% सब्सक्राइब; QIB ने बनाया रिकॉर्ड

शेयर बाजार की घंटी बजते ही 21 अक्टूबर की सुबह एक ऐसा तूफान आया जिसने…

8 minutes ago

‘उड़ता तीर’ की रिलीज से पहले गोल्डन टेंपल पहुंचीं सारा अली खान: गुरु घर में अरदास करते ही छलक पड़े आंसू, वायरल हुआ वीडियो

सुनहरी रोशनी से चमकता अमृतसर का दरबार साहिब, चारों तरफ भक्ति का माहौल और उसी…

33 minutes ago

IND vs NZ 1st T20: भारत-न्यूजीलैंड की भिड़ंत कल, जानें मैच का समय, लाइव स्ट्रीमिंग और स्क्वाड

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आगाज…

35 minutes ago

Tiger Shroff Firing Case: एक फोन कॉल से खुला राज, कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए तीन आरोपी

मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच के…

57 minutes ago

India-US Trade Deal: कुछ ही हफ्तों में हो सकता है ऐतिहासिक समझौता, डोनाल्ड ट्रंप बोले- ‘समझौता बेहद करीब’

एक साल से अधिक समय से चल रही खींचतान, बैठकों का लंबा दौर और दुनिया…

1 hour ago