Trending News

राजधानी पर दोहरा दबाव! संसद मार्च की तैयारी और शंभू बॉर्डर पर किसानों की नाकाबंदी से प्रशासन की बढ़ी टेंशन

राजधानी दिल्ली एक बार फिर बड़े विरोध-प्रदर्शनों के दौर से गुजर रही है।मामला सिर्फ एक मुद्दे का नहीं है, बल्कि इस बार दिल्ली को ‘डबल प्रोटेस्ट’ का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ जहां जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थक डटे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के विरोध में हजारों किसानों ने शंभू बॉर्डर पर डेरा डाल दिया है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए आज का दिन ‘हाई अलर्ट’ का है।

बवाल के बाद भी डिगे नहीं CJP समर्थक


सोमवार को हुई पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और भारी पुलिस कार्रवाई के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का तेवर नरम पड़ता नहीं दिख रहा। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन खत्म नहीं होगा। आज फिर से समर्थकों का इरादा संसद की ओर मार्च करने का है।
सोमवार को हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में है। उपद्रवियों पर शिकंजा कसते हुए दो एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। फिलहाल पूरे जंतर-मंतर इलाके को छावनी में बदल दिया गया है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसानों की हुंकार

दूसरा बड़ा मोर्चा दिल्ली-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर खुला है। ‘देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले पंजाब के अमृतसर, गुरदासपुर समेत कई हिस्सों से हजारों किसान दिल्ली में ‘महापंचायत’ करने के लिए निकल पड़े हैं।

आखिर किसानों को क्या है आपत्ति?


किसान नेताओं का दावा है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से देश के कृषि और डेयरी सेक्टर को भारी नुकसान पहुंचेगा। किसानों का मानना है कि विदेशी कंपनियों के प्रवेश से स्थानीय ग्रामीण आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा।

बॉर्डर पर कड़ा पहरा

स्थिति को बेकाबू होने से रोकने के लिए शंभू बॉर्डर पर धारा 163 (BNS) लगा दी गई है। पुलिस ने कंक्रीट के बैरिकेड्स लगाकर रास्ता पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है, जिससे हाईवे पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया है। सरवन सिंह पंधेर के अलावा संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के दिग्गज नेता भी मोर्चे पर पहुंच रहे हैं।

दिल्ली पुलिस के सामने दोहरी चुनौती

एक तरफ छात्रों और CJP का आक्रामक प्रदर्शन, और दूसरी तरफ किसानों का दिल्ली कूच—दिल्ली पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। मंशा साफ है कि किसी भी कीमत पर सोमवार जैसी हिंसा या राजधानी की घेराबंदी दोबारा न होने दी जाए। प्रशासन बातचीत से रास्ता निकाल पाता है या दिल्ली की सीमाएं आने वाले दिनों में और सील होंगी।

news desk

Recent Posts

Tiger Shroff Firing Case: ‘बेटे ने गलत किया, उसे भी इंसाफ मिले’, गोलीकांड के आरोपी रेहान की मां का छलका दर्द

अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी के मामले में आरोपी रेहान की मां…

3 minutes ago

मोहन भागवत का बड़ा बयान-‘भारत में नहीं होगा रिजीम चेंज’, फ्रांस-बांग्लादेश और नेपाल का दिया उदाहरण

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत में सत्ता परिवर्तन के लिए…

25 minutes ago

Sheetal Devi World Record: शीतल देवी ने रचा इतिहास, 19 साल की उम्र में तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड, एशियन पैरा गेम्स के फाइनल में पहुंचीं

भारत की पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन…

1 hour ago

मुफ्त बिजली, महिलाओं को ₹40 हजार और OPS की वापसी! 2027 के लिए अखिलेश यादव का ‘आर्थिक PDA’ प्लान, 75 जिलों में चलेगा अलग दांव

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीति को नया…

11 hours ago