नई दिल्ली/ढाका: भारत सरकार ने पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ रिश्तों को एक नई ऊंचाई और दिशा देने के लिए एक बड़ा दांव खेला है। पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का नया उच्चायुक्त (High Commissioner) नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति न केवल कूटनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय है, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी इसके गहरे मायने निकाले जा रहे हैं।
दिनेश त्रिवेदी वर्तमान उच्चायुक्त प्रणय वर्मा का स्थान लेंगे। कूटनीतिक फेरबदल के तहत प्रणय वर्मा को ब्रसेल्स भेजा जा रहा है, जहाँ वे यूरोपीय संघ (EU) में भारत के राजदूत की जिम्मेदारी संभालेंगे। त्रिवेदी की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद रिश्तों में एक नया मोड़ आया है।
रेल बजट का वो किस्सा: दिनेश त्रिवेदी को आज भी 2012 के उस साहसी रेल बजट के लिए याद किया जाता है, जिसमें यात्री किराया बढ़ाने के कारण उन्हें ममता बनर्जी के विरोध का सामना करना पड़ा और इस्तीफा देना पड़ा था।
अनुभव का खजाना: 1990 से राजनीति में सक्रिय त्रिवेदी राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों के सदस्य रह चुके हैं। 2021 में टीएमसी छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद से वे पार्टी के रणनीतिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं।
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