भोपाल: मध्य प्रदेश में मूंग की 100 फीसदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। नर्मदापुरम से भोपाल पहुंचे किसानों ने राजधानी के सावरकर सेतु के पास डेरा डाल दिया है और मांगें पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की तैयारी कर ली है। आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने भी केंद्र से खरीद लक्ष्य बढ़ाने की मांग करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र भेजा है।
केंद्र से खरीद लक्ष्य बढ़ाने की मांग
राज्य के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री को भेजे पत्र में बताया कि 14 मई से 3 जुलाई 2026 के बीच प्रदेश में करीब 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन हुआ, जबकि अब तक 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। उनका कहना है कि मौजूदा लक्ष्य के कारण बड़ी संख्या में किसान MSP का लाभ नहीं ले पाएंगे।
करीब 2 हजार किसान राजधानी में डटे
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले विभिन्न किसान संगठनों से जुड़े करीब 2,000 किसान अनाज की बोरियां, बिस्तर, खाना बनाने के बर्तन और कई दिनों का राशन लेकर भोपाल पहुंचे हैं। पुलिस की कई स्तर की बैरिकेडिंग पार करने के बाद प्रदर्शनकारी राजधानी के बाहरी इलाके तक पहुंच गए और सावरकर सेतु के पास डेरा डाल दिया।
किसानों का कहना है कि जब तक मूंग की 100 फीसदी MSP पर खरीद और खाद वितरण से जुड़ी उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत
आंदोलन के बीच मंगलवार को मंत्रालय में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात की। बैठक में किसानों की समस्याएं सुनी गईं और उन्हें भरोसा दिलाया गया कि मूंग खरीदी सहित सभी मुद्दों पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है।
प्रदेश में मूंग उत्पादन बढ़ने का दिया हवाला
कृषि मंत्री ने अपने पत्र में कहा कि इस वर्ष औसत उत्पादकता बढ़ने के कारण मूंग का उत्पादन अनुमान से अधिक हुआ है। राज्य सरकार ने केंद्र से खरीद लक्ष्य बढ़ाकर 8 लाख मीट्रिक टन करने का अनुरोध किया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीद हो चुकी है और मौजूदा गति को देखते हुए निर्धारित लक्ष्य जल्द पूरा होने की संभावना है।
देश के कुल उत्पादन में मध्य प्रदेश की बड़ी हिस्सेदारी
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि देश के कुल मूंग उत्पादन में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। ऐसे में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए खरीद सीमा बढ़ाने का फैसला आवश्यक बताया गया है।
क्या हैं किसानों की प्रमुख मांगें?
संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में किसानों ने मूंग की 100 फीसदी MSP पर खरीद, ई-टोकन व्यवस्था में आ रही दिक्कतों का समाधान और समय पर उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। किसानों ने साफ किया है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।