बॉलीवुड एक्टर पंकज त्रिपाठी के परिवार से एक बेहद हैरान करने वाली खबर आ रही है। बिहार के गोपालगंज स्थित उनके पैतृक गांव बेलसंड में एक्टर के बड़े भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला हुआ है। वारदात दिनदहाड़े हुई, जिसके बाद से पूरे इलाके में हड़कंप है। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत पटना AIIMS रेफर किया गया है।
अचानक कुल्हाड़ी-फरसे से किया वार
मौजूद लोगो के मुताबिक, बिजेंद्र नाथ तिवारी अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे, तभी घात लगाए हमलावरों ने उन पर अचानक कुल्हाड़ी और फरसे जैसे हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना क्विक था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। वे मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। शोर मचने पर जब परिवार और गांव के लोग दौड़े, तो आरोपी वहां से फरार हो गए।
क्या है हमले की वजह?
पंकज त्रिपाठी जहां मुंबई में रहते हैं, वहीं उनके बड़े भाई बिजेंद्र नाथ चकाचौंध से दूर गांव में ही रहकर सादगी से खेती-बाड़ी और पुश्तैनी घर की देखभाल करते हैं।शुरुआती पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सामने आया है कि इस खूनी हमले के पीछे कोई बाहरी गैंग नहीं, बल्कि पड़ोसियों के साथ लंबे समय से चल रहा जमीन और रास्ते का पुराना विवाद है। इसी रंजिश में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
नाजुक हालत में लाइफ सपोर्ट पर पटना शिफ्ट
घटना के तुरंत बाद उन्हें गोपालगंज सदर अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, मल्टीपल डीप कट्स और भारी ब्लड लॉस की वजह से उनकी कंडीशन काफी क्रिटिकल थी। शुरुआती ट्रीटमेंट के बाद उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर एम्बुलेंस से पटना AIIMS भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम लगातार उनके हेल्थ अपडेट पर नजर रख रही है।
गांव में तैनात भारी पुलिस फोर्स
हाई-प्रोफाइल मामला होने की वजह से पुलिस महकमा तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। पुलिस का कहना है की “विक्टिम साइड के बयानों और स्पॉट से मिले सबूतों के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। मुख्य आरोपी को आइडेंटिफाई कर लिया गया है। उसकी अरेस्टिंग के लिए एक स्पेशल टीम (SIT) बनाई गई है, जो लगातार रेड कर रही है।”
इस इंसिडेंट के बाद से बेलसंड गांव में लोकल लोगों के बीच भारी गुस्सा और तनाव का माहौल है। लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन रखने और सिचुएशन को कंट्रोल में रखने के लिए गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी बहुत जल्द सलाखों के पीछे होंगे।